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खगड़िया के सदर अस्पताल में परबत्ता प्रखंड के डुमरिया बुजुर्ग गांव निवासी 40 वर्षीय बलराम चौधरी की मौत के मामले में विधायक बाबूलाल शौर्य ने जांच की मांग की है। उन्होंने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। विधायक के 2 नवंबर 2026 के पत्र के मुताबिक, बलराम चौधरी को 2 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परबत्ता से रेफर कर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। दूसरे अस्पताल रेफर करने की मांग की दोपहर 2:07 बजे पर्चा कटवाने के बाद परिजन उन्हें ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के पास ले गए। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मरीज की खुद जांच करने के बजाय अस्पताल परिसर में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से जांच करवाई और दवा दी। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ती रही। परिजनों ने करीब पांच से छह बार डॉक्टर से मरीज को देखने या दूसरे अस्पताल रेफर करने की मांग की। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर कमरे से आए बाहर आरोप है कि डॉक्टर ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अपने कमरे से बाहर कर दिया। विधायक के पत्र के अनुसार, करीब एक घंटे बाद मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर कमरे से बाहर आए और उसे रेफर किया। तब तक बलराम चौधरी की मौत हो चुकी थी। विधायक बाबूलाल शौर्य ने सिविल सर्जन और जिलाधिकारी से पांच मांगें रखी हैं। इनमें घटना के दिन दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक इमरजेंसी वार्ड और संबंधित डॉक्टर के कमरे के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल है।
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विधायक ने बलराम चौधरी की मौत की जांच मांगी:DM और सिविल सर्जन को लेटर लिखा, इलाज में लापरवाही का परिजनों ने लगाया आरोप
