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बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में बर्खास्त किए गए छह शिक्षकों की सेवा बहाल कर दी गई है। प्रखंड नियोजन इकाई ने सभी शिक्षकों को उनके पुराने स्कूलों में तुरंत योगदान देने का आदेश जारी किया है। 27 अक्टूबर की बैठक में लिया गया फैसला प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड नियोजन इकाई के सचिव कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में सेवा बहाली का फैसला लिया गया। बैठक में संबंधित अदालतों के आदेशों और शिक्षा विभाग के निर्देशों पर विचार करने के बाद इस पर सहमति बनी। आदेश में प्राथमिक शिक्षा निदेशक, बिहार, पटना के पत्रांक 2853, दिनांक 1 अक्टूबर 2026 और जिला शिक्षा पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक 3260, दिनांक 9 अक्टूबर 2026 का हवाला दिया गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के 27 जुलाई 2026 के आदेश का भी जिक्र है। डीएलएड की योग्यता हासिल करने के लिए 2028 तक का समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 31 मार्च 2015 से पहले नियुक्त अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों को डीएलएड की जरूरी योग्यता हासिल करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। पटना हाईकोर्ट के एलपीए संख्या 748/2022 में 20 मार्च 2024 को आए फैसले को भी सेवा बहाली का आधार बनाया गया है। सेवा बहाल किए गए शिक्षकों में छेदीलाल कुमार पासवान, छुसमा आरा बेगम, निखहत बेगम, चारुला भारती, रेखा जहां और सुधा भारती शामिल हैं। करीब नौ हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों के भविष्य पर संशय ठाकुरगंज में छह शिक्षकों की सेवा बहाल हुई है, लेकिन बिहार के करीब नौ हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों के भविष्य पर अब भी संशय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने हाल ही में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विस्तृत अध्ययन और समीक्षा करने के बाद ही सरकार इस मामले में कोई नीतिगत निर्णय लेगी। उन्होंने कहा था कि सरकार जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती। ऐसे में शिक्षा मंत्री के समीक्षा वाले बयान के बीच ठाकुरगंज प्रखंड नियोजन इकाई की ओर से छह शिक्षकों की सेवा बहाल करने का आदेश जारी होना चर्चा का विषय बन गया है।
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किशनगंज में बर्खास्त 6 शिक्षकों की सेवा बहाल:पुराने स्कूलों में तुरंत योगदान देने का आदेश, 9 हजार अप्रशिक्षित शिक्षकों का भविष्य अब भी अधर में
