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एशियन पैरा गेम्स-2026: शैलेश के घर पहुंचे DM-SP:बुके देकर किया सम्मानित,लॉन्ग जंप में जीता गोल्ड; गांव में बनाएंगे खेल मैदान




जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स-2026 में दो पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले जमुई के पैरा एथलीट शैलेश कुमार को शनिवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। डीएम और एसपी उनके पैतृक गांव इस्लामनगर पहुंचे और घर जाकर उन्हें सम्मानित किया। अधिकारियों ने शैलेश के माता-पिता और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। इस दौरान शैलेश के अनुरोध पर गांव में खेल मैदान विकसित करने की पहल भी की गई। डीएम ने पंचायत सरकार भवन के पास मैदान के लिए चिह्नित जमीन का निरीक्षण कर अधिकारियों को मापी और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। शैलेश ने एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया। वहीं, लंबी कूद में 5.57 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। एक ही प्रतियोगिता में दो पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमुई और बिहार का नाम रोशन किया है। डीएम बोले- युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं शैलेश सम्मान समारोह के दौरान डीएम ने कहा कि शैलेश की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उनकी उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। जमुई में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, एसपी ने शैलेश को बधाई देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाएं। खेल न केवल पहचान दिलाता है, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। गांव में खेल मैदान के लिए जमीन की होगी मापी सम्मान समारोह के दौरान डीएम ने शैलेश से उनके प्रशिक्षण, खेल के सफर और भविष्य की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान शैलेश ने गांव में खेल मैदान विकसित कराने का अनुरोध किया। इसके बाद डीएम ने इस्लामनगर में पंचायत सरकार भवन के समीप खेल मैदान के लिए चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने अंचल अधिकारी, अलीगंज को जमीन की जल्द मापी कराने का निर्देश दिया। साथ ही जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित कर नियमानुसार उसे खाली कराने को कहा। प्रशासन की इस पहल से गांव के बच्चों और युवाओं को खेल अभ्यास के लिए बेहतर मैदान मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकेगा। बोले शैलेश- 2028 पैरालंपिक में देश के लिए पदक जीतना लक्ष्य सम्मान मिलने पर शैलेश ने जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति और ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना ने उनके खेल सफर में अहम भूमिका निभाई है। इसी योजना के तहत उन्हें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के पद पर सरकारी नौकरी मिली है। शैलेश ने कहा कि सरकारी सेवा में आने के बाद भी खेल के प्रति उनका समर्पण कम नहीं हुआ है। उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स पैरालंपिक-2028 में देश के लिए पदक जीतना और तिरंगे का मान बढ़ाना है। एशियन पैरा गेम्स में मिली सफलता के बाद अब उनकी तैयारी इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में जारी है।



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