3 मिनट पहले
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8 नवंबर को दीपावली है और इससे पहले रविवार, 1 नवंबर को खरीदारी और नए काम की शुरुआत करने का शुभ योग रवि पुष्य नक्षत्र है। रवि पुष्य नक्षत्र तब होता है, जब रविवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में सोना-चांदी, वाहन, प्लॉट, घर और व्यापार से जुड़ी वस्तुएं खरीदना शुभ माना गया है। इस नक्षत्र में व्यापारी नए बहीखाते शुरू करते हैं, आम लोग लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं।

क्यों खास है रवि पुष्य नक्षत्र?
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को रविवार का स्वामी माना जाता है। सूर्य मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक ग्रह है। जबकि पुष्य नक्षत्र स्थिरता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। इस वजह से रवि पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ काम मान-सम्मान, प्रसिद्धि और लाभ दिलाने वाले होते हैं।


– ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक
अगर गाड़ी की डिलीवरी शाम को लेनी है, तो सूर्यास्त से पहले ले सकते हैं। घर-प्लॉट की बुकिंग और नए काम की शुरुआत भी सूर्यास्त से पहले करेंगे, तो बेहतर रहेगा। घर की जरूरत की अन्य चीजें यहां दिए गए मुहूर्त में खरीद सकते हैं।
रवि पुष्य नक्षत्र पर करें ये शुभ काम
इस दिन पुष्य नक्षत्र के साथ ही सप्तमी तिथि भी है। इस तिथि पर सूर्य की विशेष पूजा करने की परंपरा है। सूर्य पूजा करने के लिए तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ऊँ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें।
पूजा-पाठ के साथ ही भोजन, वस्त्र और धन का दान कर सकते हैं। इस दिन घर या दुकान में लक्ष्मी-गणेश का पूजन भी करना चाहिए।

