कीव3 मिनट पहले
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यूक्रेन के निप्रो शहर में रूस के ड्रोन हमले के बाद की तस्वीर।
यूक्रेन के मध्य में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन ने रेलवे स्टेशन पर हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं।
शहर के मेयर बोरिस फिलातोव ने हमले के बाद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले को भयावह बताया। उन्होंने रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके।
रूस के ट्रेन पर हमले के बाद की 4 तस्वीरें

ड्रोन हमले के बाद स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेनों से धुआं निकलता दिखाई दिया।

रूसी ड्रोन हमले के बाद रेलवे स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य करते कर्मचारी।

रेलवे स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य में जुटे आपातकालीन कर्मचारी।

रूसी ड्रोन हमले के बाद अपनी बेटी के शव के पास दुख जताता पिता।
यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर 1600 से ज्यादा हमले
रूस ने 2026 के पहले 8 महीनों में यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से ज्यादा हमले किए। इनमें ट्रेन, रेल इंजन और रेलवे से जुड़े दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के मुताबिक, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस 500 से ज्यादा रेल इंजनों को नुकसान पहुंचा चुका है या नष्ट कर चुका है। इनमें से आधे से ज्यादा घटनाएं इसी साल हुईं।
यूक्रेन के लिए रेलवे यात्रियों के साथ-साथ जरूरी सामान और अनाज की आवाजाही का भी अहम साधन है। ऐसे में रेलवे पर हमलों से देश की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यूक्रेन के पूर्व उप परिवहन मंत्री वासिल शेवचेंको के मुताबिक, रेल इंजन पर हमला होने से पूरे रेल मार्ग पर यातायात ठप हो सकता है। डीजल इंजन में बड़ी मात्रा में ईंधन होने के कारण विस्फोट के बाद भीषण आग लग सकती है। वहीं, इलेक्ट्रिक इंजन पर हमले से भी आग लग सकती है और ट्रैक का एक हिस्सा लंबे समय तक बंद हो सकता है।

ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले यात्रियों के शव स्टेशन पर मौजूद
रेलवे को सुरक्षित रखने के लिए यूक्रेन की तैयारी
रूसी ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने ट्रेनों और ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी केंद्र बनाए हैं। खतरे का संकेत मिलने पर ट्रेनों को रोककर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जाती है।
लेकिन जेट इंजन वाले तेज ड्रोन के इस्तेमाल से सुरक्षा एजेंसियों को प्रतिक्रिया देने के लिए कम समय मिलता है। इसी वजह से यूक्रेन में खतरे की आशंका होने पर ट्रेनों को पहले ही रोकने और ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में बसों से यात्रियों को ले जाने की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।
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