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जेडीयू से निष्कासित मोकामा विधायक अनंत सिंह को एक और बड़ा झटका लगा। उनकी पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया। इतना ही नहीं उनसे राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया है। कल ही जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी के इस फैसले के बाद बिहार की सियासत गरमा गई। निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने कहा मैंने कुछ गलत नहीं किया था। अनंत सिंह ने इशारों में नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जिस ने पार्टी बनाई थी वो पार्टी नहीं चला पा रहे हैं। नीतीश जी बीमार रहते हैं, जिसने पार्टी से निकालने का फैसला किया है, वो चुनाव में परिणाम भुगतेगा। अनंत सिंह से जब पूछा गया कि वो आगे क्या करेंगे इस पर अनंत सिंह ने कहा कि अपनी पार्टी बनाएंगे। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि जब सरकार गिर रही थी तो मैंने बचाई थी। इस पार्टी के लिए गद्दारी भी की। नीतीश कुमार के मन से पार्टी में कुछ नहीं हो रहा है।
ललन सिंह ने सीएम से की मुलाकात अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद रविवार की सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम सम्राट से मुलाकात की। 30 मिनट तक दोनों की मुलाकात हुई। तचीत के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। नीतीश के साथ निशांत-विजय चौधरी की मीटिंग अनंत सिंह को जदयू से निकालने के बाद रविवार को नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री निशांत कुमार पहुंचे। नीतीश कुमार, विजय चौधरी, निशांत कुमार और ललन शराफ की मीटिंग हुई। उसके बाद विजय चौधरी, निशांत कुमार निकल गए। कुछ देर बाद सीएम भी एमएलसी ललन शराफ के साथ अपने आवास से बाहर निकले। वहीं अनंत सिंह को पार्टी से निकालने पर जीतन राम मांझी ने कहा है कि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले पर कार्रवाई का अधिकार पार्टी प्रमुख को है। इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। अनंत सिंह के निष्कासन का आगे क्या असर होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। पार्टी के एक्शन के बाद अनंत आवास पर आतिशबाजी अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है। उन्हें अगले 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाना ने आदेश जारी किया है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की अनुशांसा की है। पार्टी से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह का पटना वाले आवास पर जमकर आतिशबाजी हुई। अनंत सिंह को पार्टी से बाहर करने के साथ ही संगठनात्मक जिला बाढ़ की पूरी इकाई को भी भंग कर दिया गया है। बाढ़ के जेडीयू जिलाध्यक्ष मयंक राज को भी पद से हटाया गया है, जो केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के करीबी माने जाते हैं।
पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से निकाला गया जदयू ने सिर्फ अनंत सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से निष्कासित किया है। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि उनकी प्राथमिक सदस्यता भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण रद्द की जाती है। उन्हें भी अगले 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके निर्देशों के खिलाफ काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे। अनंत सिंह के समर्थन में जदयू के पूर्व विधायक JDU के पूर्व MLC वाल्मिकी सिंह ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को JDU से निकाले जाने पर कहा कि जो दो चार लोग पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, वे पार्टी को डुबाने में लगे हैं। JDU में जो लोग नीतीश कुमार के समर्थक हैं और चाहते हैं कि निशांत कुमार आगे बढ़ें, उनके समर्थकों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। यह कार्रवाई गलत हुई है। ये नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने हमेशा नीतीश कुमार और निशांत कुमार का नाम लिया। अनंत ने कहा था- हम ललन सिंह को नहीं जानते एक दिन पहले यानी शुक्रवार को अनंत सिंह ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। मीडिया ने अनंत सिंह से पूछा था- ललन सिंह किसके साथ हैं। इसपर अनंत सिंह ने कहा, कौन ललन सिंह की बात कर रहे हैं ? बिहार में 100 ललन सिंह हैं। हम उनको नहीं जानते हैं। मैं नीतीश कुमार और पार्टी को अपना भगवान मानता हूं। हम कहीं रहेंगे नीतीश जी को मानते रहेंगे। सरकार के विरोध में चल रहे हैं, पुलिस कहीं-कहीं जुर्माना किया है। उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ‘अनंत सिंह पर कार्रवाई गलत हुई’ JDU के पूर्व MLC वाल्मिकी सिंह ने कहा, 2-4 लोग पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, वे पार्टी को डुबाने में लगे हैं। JDU में जो लोग नीतीश कुमार के समर्थक हैं और चाहते हैं कि निशांत कुमार आगे बढ़ें, उनके समर्थकों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। ये कार्रवाई गलत हुई है। ये नहीं होनी चाहिए थी। क्रिया की प्रतिक्रिया में अनंत सिंह ने दूसरे पक्ष की मदद की, लेकिन सदैव उन्होंने नीतीश कुमार और निशांत कुमार का नाम लिया। अनंत-नीरज के विवाद सुलझाने का जिम्मा ललन को मिला था अनंत सिंह और नीरज के विवाद को सुलझाने के लिए ललन सिंह की एंट्री हुई। जदयू की कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को दोनों के बीच विवाद को सुलझाने का जिम्मा सौंपा था। ललन सिंह ने कहा था कि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुझको फोन किया था। मैंने अनंत सिंह से बात की। उनकी कुछ शिकायतें हैं। उनका कहना था कि जब नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब मैं राजद में होते हुए भी नीतीश सरकार के समर्थन में था। मेरी पत्नी ने नीतीश सरकार को सपोर्ट किया था। अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार के लिए गोली खाई अनंत सिंह कह चुके हैं कि मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई। लेकिन पार्टी में नीति है तो अब न्याय हो। मैं जब विधानसभा का चुनाव लड़ रहा था तब नीरज ने क्या-क्या नहीं किया। तब पार्टी कहां थी। अगर नियम है तो सबके लिए बराबर हो। वरना पार्टी रहे या ना रहे। मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं। नीरज कुमार ने 4 विधानसभा चुनाव में मेरे विरोध किया तब पार्टी ने क्यों कोई एक्शन नहीं लिया। नीरज ने कहा- पार्टी ने अनंत सिंह पर दया कर प्रत्याशी बनाया था MLC प्रत्याशी नीरज कुमार ने कहा था, ‘पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करते हुए उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते थे। हमने तो दया किया, पार्टी ने दया किया कि उनको उम्मीदवार बना दिया।” नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजनीति में उन्हें नीतीश कुमार ने जन्म दिया और अब उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उनकी मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है। AK-47 रखने के आरोप पर कहा, ये बेऊर के संत हैं। कभी कहते हैं, आरसीपी सिंह फंसा दिए, कभी ललन सिंह फंसाए, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कितनों ने इन्हें फंसाया है। मैंने कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो फेल हो गए।
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अनंत सिंह को जदयू ने दिया एक और झटका:पत्नी नीलम देवी से छीना राज्य मंत्री का दर्जा, 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से भी हटाया
