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सीवान के रसूलपुर में दशहरा पंडाल में आग लगने से 6 युवक झुलस गए। उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। इनमें दो मरीजों का 90 प्रतिशत से ज्यादा शरीर जल गया है। सभी गंभीर हैं। मरीजों की उम्र 12 से 20 साल के बीच है। दशहरा मेला खत्म होने के बाद पटना के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। भीड़ के दबाव में घायल होने, सड़क हादसों और मारपीट के मामले सामने आए। खानपान में लापरवाही से पेट दर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायतें भी बढ़ी हैं। वहीं, मौसम बदलने पर सर्दी-बुखार के भी मरीज आ रहे हैं। मसौढ़ी में रावणवध के दौरान भीड़ में गिरने से 4 महिलाएं घायल हुईं, जिनमें से 2 पीएमसीएच में भर्ती हैं। मौसम में बदलाव और प्रदूषण के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा है। डॉक्टरों के अनुसार, आतिशबाजी के धुएं से सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन हो सकती है। पटना के तीन बड़े अस्पतालों की ओपीडी में कुल 8169 मरीज पहुंचे हैं। सीवान अग्निकांड के मरीजों का अलग वार्ड में हो रहा इलाज पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, सीवान से जो मरीज आएं हैं, उनमें दो मरीजों के शरीर का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा झुलसा है। अन्य मरीजों के चेहरे भी जले हैं। सभी की गंभीर स्थिति को देखते हुए अलग वार्ड में इलाज किया जा रहा है। मरीजों के पहुंचने से पहले ही अस्पताल प्रशासन ने उनके इलाज की व्यवस्था कर ली थी। दशहरा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स को अलर्ट पर रखा गया था। चार बड़े सरकारी अस्पतालों में 85 बेड और 38 वेंटिलेटर तैयार रखे गए थे। डॉक्टरों, दवाओं, सर्जिकल सामग्री और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए थे।
मौसम बदलते ही ओपीडी में बढ़े मरीज मौसम में अचानक बदलाव के बीच बुधवार को शहर के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और एम्स पटना में कुल 8169 मरीज इलाज कराने पहुंचे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण कई लोगों को डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। पंजीकरण, टोकन लेने और संबंधित विभाग तक पहुंचने में भी परेशानी हुई। चिकित्सा विशेषज्ञ के अनुसार, बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। लक्षण बढ़ने या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी जरूरी है।
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दशहरा मेले के बाद अस्पतालों में बढ़ी भीड़:सीवान में झुलसे 6 लोगों में से 2 की बॉडी 90% झुलसी, खांसी-बुखार वालों की संख्या में इजाफा
