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गयाजी शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र में 4 अक्टूबर को विकास मित्र शंकर मांझी हत्याकांड में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार प्रमोद चौधरी घटना के बाद से फरार था। वो पुलिस के डर से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ससुराल में छिपकर रह रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि, हत्याकांड का मुख्य आरोपी बंटी राइडर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
चर्च से लौटने के दौरान अपराधियों ने मारी थी तीन गोली शंकर मांझी की हत्या उस वक्त हुई थी, जब वे चर्च से पत्नी संग घर लौट रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने पीछे से उन्हें तीन गोली गोली मारी थी। गोली लगने से घटनास्थल पर ही शंकर मांझी की मौत हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया था। शंकर मांझी हम पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता थे। हत्या के दूसरे दिन हम पार्टी के पदाधिकारियों ने पोस्टमार्टम हाउस में आक्रोश व्यक्त किया था। पोस्टमार्टम के बाद बॉडी लेकर परिजन डेल्हा इलाके के मुख्य सड़क पर पहुंचे और रोड जाम कर दिया था। दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल डेल्हा थानाध्यक्ष व्यंकटेश ओझा ने बताया कि हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब प्रमोद चौधरी की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले की जांच में आगे बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस उसकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मुख्य आरोपी की तलाश में एसआईटी हत्याकांड के खुलासे और फरार मुख्य आरोपी बंटी राइडर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। एसआईटी में डेल्हा थाने में पूर्व में तैनात एसआई राजीव कुमार दुबे को शामिल किया गया था। इसके बाद ही प्रमोद चौधरी गिरफ्तार हो सका। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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गयाजी- विकास मित्र की हत्या का एक और आरोपी गिरफ्तार:ससुराल में छिपा था, मुख्य आरोपी की तलाश जारी; 4 अक्टूबर को पत्नी के सामने मारी थी 3 गोलियां
