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पूर्णिया- शादी का झांसा देकर यौन शोषण और अबॉर्शन:दो आरोपी गिरफ्तार, डॉक्टर-दलालों की भूमिका की जांच जारी; महिला कांस्टेबल ने दबोचा




पूर्णिया पुलिस की स्पेशल क्राइम यूनिट ने एक महिला के यौन शोषण और अबॉर्शन के मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महिला को शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया गया था, जिसके बाद उसका अबॉर्शन कराया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महिला कांस्टेबल को मरीज बनाकर दलालों तक भेजा। उन्होंने आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। इस मामले में कुल 7 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, अल्ट्रासाउंड क्लीनिक चलाने वाले, डॉक्टर और दलालों सहित कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को लेकर हाई केवल एसआईटी गठित पूर्णिया की डीएसपी स्पेशल क्राइम यूनिट शिवानी श्रेष्ठा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूर्णिया एसएसपी डॉ शौर्य सुमन को एक पीड़ित महिला की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें जिक्र किया गया था कि पीड़िता की आरोपी से पहली बातचीत फोन कॉल के माध्यम से हुई थी। उस दरमियान आरोपी उत्तराखंड में रह रहा था और महिला से मिलने पूर्णिया आया। इसके शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया गया । महिला जब 5 महीने की गर्भवती हो गई, तब उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। आरोपी दलाल के माध्यम से महिला को एक क्लिनिक लेकर पहुंचा, जहां अल्ट्रासाउंड केंद्र ले जाकर उसका अवैध रूप से 5 माह का गर्भपात करा दिया। पुलिस टीम की मुस्तैदी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी, डीएम और पूर्णिया सिविल सर्जन के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई हेतु विशेष टीम का गठन किया गया। महिला थाना की दो महिला कांस्टेबलों को सादे कपड़ों में तैनात कर योजनाबद्ध तरीके से लाइन-अप कराया गया। लेडी कांस्टेबल बनी मरीज़, ऐसे दबोचा महिला थाना की दो लेडी कांस्टेबल मरीज बनकर दलाल से सम्पर्क की। इसके बाद प्राथमिक अभियुक्त राकेश कुमार से बात करने के सिलसिले में संबंधित क्लिनिक पहुंची। इस दौरान वहां पहले से मौजूद एक और दलाल भी उसके साथ आ गया। शिकंजा कसते हुए मौके से ही दोनों दलालों को पुलिस ने धर दबोचा। पकड़ा का प्राथमिकी अभियुक्त 25 वर्षीय राकेश मधेपुरा जिला का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि दूसरा सहयोगी दलाल 23 वर्षीय दिलराज कुमार कटिहार का निवासी है। डॉक्टरों एवं क्लिनिक की भूमिका की जांच मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है और न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पीड़िता के बयानों और प्रारंभिक जांच में दो डॉक्टरो डॉ. एम. एस. आलम तथा डॉ. कुमार सुमित के नाम सामने आए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्लिनिक और डॉक्टरों की इस अवैध गर्भपात में कितनी संलिप्तता थी। डीएसपी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुल 7 लोगों पर नामज़द, कई शक के दायरे में डीएसपी शिवानी श्रेष्ठा ने बताया कि इस मामले में अबतक कुल 7 नामज़द प्रार्थमिकी दर्ज की गई है, जबकि अन्य कई अप्रार्थमिक नाम भी सामने आए हैं। मुख्य आरोपी अररिया का रहने वाला है, जिसके लिए पुलिसिया कार्यवाही चल रही है, जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इस मामले में 2 डॉक्टर के अलावा न्यू सोनो अल्ट्रासाउंड के संचालक, वहां के कर्मी, तथा अन्य संलिप्त अभियुक्तों के सिंडिकेट को भी तलाशने में जुटी है पुलिस ।



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