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ढलाई के कुछ घंटे बाद ही ढही स्कूल की छत:अररिया में 11.74 लाख की लागत से बन रही थी, ग्रामीण बोले-'घटिया सामग्री का इस्तेमाल'




अररिया के पलासी प्रखंड स्थित उच्च विद्यालय प्लस टू उरलाहा में निर्माणाधीन अतिरिक्त क्लासरूम भवन की छत ढलाई के कुछ ही घंटों बाद ढह गई। बिहार शिक्षा परियोजना के तहत 11.74 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कराया जा रहा था। छत गिरने की घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। गनीमत रही कि हादसे के समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ढलाई के कुछ घंटे बाद ही ढह गई छत स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर भवन की छत की ढलाई की गई थी। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद छत ढह गई। शुक्रवार को घटना की जानकारी फैलने पर सैकड़ों ग्रामीण स्कूल परिसर में जमा हो गए। लोगों ने निर्माण कार्य पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में खराब गुणवत्ता वाले सीमेंट, बालू और छड़ का इस्तेमाल किया जा रहा था। लोगों का कहना था कि निर्माण कार्य में सरकारी मानकों का पालन किया जाता, तो ढलाई के कुछ ही घंटों बाद छत गिरने की नौबत नहीं आती। चंद्रेश्वर मंडल, अमोद मंडल, बुद्धन राम, संतोष मंडल, दयानंद मंडल, मनोज मंडल, अशोक मंडल, विकास मंडल, रूपेश मंडल और पंचानंद साह समेत कई ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी के प्रति नाराजगी जताई। हालांकि, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर योजना का बोर्ड नहीं होने पर भी सवाल ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल पर योजना की लागत, ठेकेदार का नाम और काम पूरा करने की समय-सीमा से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। लोगों ने इसे नियमों की अनदेखी बताते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जांच से ही स्पष्ट होगा कि छत गिरने के पीछे तकनीकी खामी थी या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में गड़बड़ी। बारिश और बांस-बल्लियों को बताया वजह मामले पर कनीय अभियंता अंकित कुमार ने बताया कि गुरुवार को उनकी मौजूदगी में छत की कास्टिंग कराई गई थी। इसी दौरान सुबह बारिश भी हुई थी। उनके अनुसार, एक तरफ कोने में बांस-बल्लियों के नीचे दबने से सेटिंग प्रभावित हुई। स्थिति देखने के बाद उन्होंने पूरी ढलाई हटाकर दोबारा सही तरीके से काम कराने का निर्देश दिया था। सहायक अभियंता बोले- जानकारी लेकर होगी कार्रवाई विभाग के सहायक अभियंता (एई) आशुतोष सिन्हा ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि छत गिर गई है, तो उसे दोबारा बनाया जाएगा, क्योंकि भवन का निर्माण कार्य अभी जारी है। जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें करीब 11.74 लाख रुपये की लागत वाली योजना में छत ढहने की घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि विभाग मामले की जांच कराता है या नहीं और लापरवाही सामने आने पर संबंधित निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।



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