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औरंगाबाद कलेक्ट्रेट कैंपस में वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी को सोमवार को पटना निगरानी विभाग की टीम ने 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई टंडवा थाना क्षेत्र के सिकरिया मनियार गांव निवासी पूनम देवी की शिकायत के आधार पर की गई। निगरानी टीम ने शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी प्रभारी को अपने साथ ले गई और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने शुरू की जांच जानकारी के अनुसार, पूनम देवी ने 15 सितंबर को निगरानी विभाग में वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने 21 सितंबर को शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की गई। शिकायत की जांच के बाद जब निगरानी टीम को आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने की जानकारी मिली तो कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके लिए निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को शिकायतकर्ता को तय रकम लेकर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, निगरानी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कांति कुमारी को पकड़ लिया। बताया गया कि शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 15 हजार रुपये की मांग की गई थी। सोमवार को वह 10 हजार रुपये लेकर पहुंची थी। रुपये लेने के बाद निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई की और कांति कुमारी को हिरासत में ले लिया। केस मैनेज करने के नाम पर रुपए मांगने का आरोप शिकायतकर्ता सिकरिया मनियार गांव निवासी राजेंद्र सिंह की पत्नी पूनम देवी ने निगरानी विभाग को दिए आवेदन में पूरे मामले की जानकारी दी थी। पूनम देवी के अनुसार, वह जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। उनका आरोप है कि उनके पाटीदार पूजा देवी ने उनकी निजी जमीन पर नाली का पानी बहने और कूड़ा फेंकने का आरोप लगाते हुए टंडवा थाना में आवेदन दिया था। पूनम देवी का कहना है कि पुलिस स्तर पर जांच के बाद मामला सही नहीं पाया गया। इसके बाद पूजा देवी की ओर से वन स्टॉप सेंटर में आवेदन दिया गया। आवेदन के बाद वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी की ओर से उन्हें लगातार फोन किया जाने लगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें वन स्टॉप सेंटर आकर मिलने के लिए कहा गया और कथित तौर पर धमकी दी गई कि अगर वह नहीं आईं तो उनके और उनके बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया जाएगा। इसके बाद जब वह वन स्टॉप सेंटर पहुंचीं तो उनसे कथित तौर पर 15 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर भी उन्हें परेशान करने और भविष्य खराब करने की धमकी दी गई। 10 हजार लेते ही निगरानी टीम ने दबोचा मामले में कार्रवाई के लिए निगरानी विभाग की टीम सोमवार को पहले से तैयार थी। डीएसपी ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के माध्यम से जैसे ही कथित तौर पर 10 हजार रुपये दिए गए, निगरानी टीम ने कांति कुमारी को पकड़ लिया। निगरानी विभाग के डीएसपी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। शिकायत के सत्यापन के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। रिश्वत की कथित मांग किस उद्देश्य से की गई थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। मामले में निगरानी विभाग की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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औरंगाबाद- वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी 10000 रिश्वत लेती गिरफ्तार:विजिलेंस ने कलेक्ट्रेट कैंपस से पकड़ा, शिकायतकर्ता ने कहा- 15 हजार की डिमांड थी
