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NH-727 पर ट्रक की टक्कर से 3 बाइक-सवारों की मौत:लोगों ने पहुंचाया CHC, फर्स्ट एड के बाद GMCH बेतिया रेफर; 1 महीने में 8 की जान गई




पश्चिमी चंपारण में लौरिया-बेतिया NH-727 पर बुधवार दोपहर जिरिया बंगाली माई मंदिर के पास भीषण सड़क हादसे में तीन बाइक सवार युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, ट्रक लौरिया से बेतिया की ओर जा रहा था, जबकि बाइक सवार युवक दूसरी दिशा से आ रहे थे। इसी दौरान दोनों वाहनों के बीच टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तीनों घायलों को लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जीएमसीएच, बेतिया रेफर किया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान पलटू साह, पिता रामबालक साह, अनुकेब मियां, पिता नथनी मियां और साहिल, पिता दिलशान मियां के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात ट्रक और चालक की तलाश लौरिया थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारने वाले अज्ञात ट्रक और उसके चालक की पहचान की जा रही है। एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा NH-727 पर करीब एक महीने के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले बेतिया-लौरिया मुख्य पथ पर बस से हुई दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हुई थी। अब तीन और मौतों के बाद करीब एक महीने के भीतर इस मार्ग पर आठ लोगों की जान जाने का मामला सामने आया है। हर दो मिनट पर बसों के परिचालन स्थानीय स्तर पर सड़क हादसों की एक बड़ी वजह तेज रफ्तार और इस मार्ग पर बड़ी संख्या में बसों का परिचालन बताया जा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से इस रूट पर बसों के परिचालन के लिए करीब दो-दो मिनट के अंतराल पर परमिट दिए जाने का दावा किया जा रहा है। ओवरटेक की होड़ बन रही जानलेवा लौरिया से नरकटियागंज, बगहा, रामनगर समेत एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े गांवों और कस्बों के लिए बड़ी संख्या में बसें चलती हैं। आरोप है कि कम अंतराल पर बसों के परिचालन के कारण चालक आगे निकलने और ओवरटेक करने की होड़ में रहते हैं। तेज रफ्तार के बीच ओवरटेक की कोशिश कई बार दूसरे वाहनों के लिए भी खतरा बन जाती है। नियमित ट्रैफिक जांच जरूरी लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद NH-727 पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए बसों के परमिट और उनके बीच निर्धारित अंतराल की समीक्षा, गति नियंत्रण, ओवरटेकिंग पर निगरानी और नियमित ट्रैफिक जांच जरूरी है। हालांकि, दो-दो मिनट के अंतराल पर परमिट दिए जाने और हादसों से उसके सीधे संबंध के दावे की आधिकारिक पुष्टि परिवहन विभाग से किया जाना बाकी है।



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