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बेतिया के शिकारपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने डकैती के मामले में 25 साल से फरार आरोपी सुरेंद्र ठाकुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय तक नेपाल में साधु का वेश धारण कर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था। वह मौका मिलने पर चोरी-छिपे अपने गांव भी आता-जाता था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे चमुआ चौक के पास से गिरफ्तार किया। 2006 के डकैती केस में था फरार शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान लंगड़ा-दिउलिया गांव निवासी स्वर्गीय हीरा ठाकुर के पुत्र सुरेंद्र ठाकुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ बलथर थाना में वर्ष 2006 में डकैती का मामला दर्ज हुआ था। मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया था। साधु के वेश में छिपकर रह रहा था पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सूचना मिली कि डकैती का आरोपी सुरेंद्र ठाकुर साधु के वेश में चमुआ चौक के आसपास मौजूद है। सूचना यह भी थी कि वह नेपाल में रहने के दौरान अपना हुलिया बदलकर पुलिस की नजर से बचता रहा। एसआई के नेतृत्व में बनाई गई टीम सूचना मिलते ही एसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने चमुआ चौक और आसपास के इलाकों में निगरानी शुरू की। पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सुरेंद्र ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। डकैती के बाद नेपाल भाग गया था पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2006 में डकैती की घटना के बाद वह नेपाल भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया और साधु बनकर अलग-अलग स्थानों पर रहने लगा। 2001 से डकैतों के साथ रहने का दावा पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुरेंद्र ने यह भी दावा किया कि वह वर्ष 2001 से डकैतों के संपर्क में था और कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मामलों में संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। न्यायिक हिरासत में भेजा गया गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि डकैती के अन्य मामलों में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं।
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फरार डकैत साधु बनकर नेपाल में काट रहा था जिंदगी:25 साल बाद पुलिस ने दबोचा, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
