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सीवान में गाड़ी बैक करने पर चाकू से हमला:बुलेट सवार युवकों ने साथियों को बुलाकर की मारपीट, सिर के पीछे किया वार




सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र में गाड़ी पीछे करने को लेकर हुआ विवाद हिंसक हो गया। संकरी सड़क पर टाटा सियरा पीछे करने को कहने पर बुलेट सवार युवकों ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद चालक के साथ मारपीट की गई और उसके सिर के पिछले हिस्से में चाकू से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों ने मैरवा पीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। संकरी सड़क पर आमने-सामने आ गईं गाड़ियां घायल की पहचान मैरवा थाना क्षेत्र निवासी शिवलाल सिंह के 37 वर्षीय पुत्र कलिंदर कुमार सिंह के रूप में हुई है। कलिंदर ने बताया कि वह यूपी में ठेकेदारी का काम करते हैं। बुधवार को वह खुद टाटा सियरा चलाकर गांव से यूपी जा रहे थे। गांव से कुछ दूर आगे बढ़ने पर सामने से दूसरी गाड़ी आ गई। रास्ता संकरा होने के कारण दोनों वाहनों का एक साथ निकलना संभव नहीं था। बुलेट सवार युवकों को पीछे करने को कहा कलिंदर के अनुसार, इसी दौरान दो युवक बुलेट से वहां पहुंचे और अपनी बाइक को आगे निकालने की कोशिश करने लगे। उन्होंने रास्ता बनाने के लिए दोनों युवकों से बुलेट पीछे करने को कहा। आरोप है कि इसी बात पर दोनों युवक नाराज हो गए और फोन कर अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। चार अन्य युवक पहुंचे, शुरू कर दी मारपीट कुछ ही देर में चार अन्य युवक मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर कलिंदर के साथ मारपीट शुरू कर दी। लात-घूंसों से मारपीट के बाद एक युवक ने चाकू निकाल लिया और उनके सिर के पिछले हिस्से पर वार कर दिया। सिर में चाकू लगते ही सड़क पर गिर पड़े चाकू लगने से कलिंदर गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर से खून निकलने लगा और वह सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। लोगों के पहुंचते ही आरोपी युवक वहां से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी कलिंदर के परिजनों को दी और घायल को इलाज के लिए मैरवा पीएचसी पहुंचाया। पीएचसी से सदर अस्पताल किया गया रेफर मैरवा पीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने कलिंदर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में उनका इलाज कराया गया। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। घायल के अनुसार, घटना की सूचना के बावजूद मौके पर न तो डायल 112 की टीम पहुंची और न ही मैरवा थाना पुलिस। घायल को जब मैरवा पीएचसी ले जाया गया, तब भी वहां पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी। थाना से महज 200 मीटर दूर है पीएचसी बताया गया कि मैरवा थाना और पीएचसी के बीच की दूरी करीब 200 मीटर है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने के बावजूद पुलिस को तत्काल घटना की जानकारी नहीं मिलने को लेकर गश्ती और सूचना तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सदर अस्पताल में दर्ज हुआ घायल का बयान सदर अस्पताल पहुंचने के बाद घटना की जानकारी टीओपी पुलिस को मिली। टीओपी प्रभारी सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और घायल कलिंदर का बयान दर्ज किया। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल से सूचना मिलते ही टीओपी प्रभारी को भेजा गया। उन्होंने स्वयं भी अस्पताल पहुंचकर घायल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि घायल सुरक्षित है और उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। घटना की सूचना मैरवा थाना पुलिस को दे दी गई है। आरोपियों की पहचान और कार्रवाई पर नजर अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती है। घायल के बयान के आधार पर पुलिस घटना की जांच कर रही है। विवाद की शुरुआत महज गाड़ी पीछे करने को लेकर हुई थी या इसके पीछे कोई पुराना विवाद भी था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।



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