Headlines

मजुफ्फरपुर डबल मर्डर केस में लोगों से मदद की अपील:एसएसपी ने बुजुर्गों से की बात, बोले- हर थाने में बनेगी सीनियर सिटीजंस काउंसिल




मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में 20 जुलाई 2026 को हुए दंपती हत्याकांड के बाद पुलिस अपराधियों को पकड़ने और शहर में सुरक्षा बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रही है। मामले की गंभीरता के कारण पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। हत्या के मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से संदिग्ध की तस्वीर बनाई है और इसे आम जनता के साथ साझा करते हुए मदद मांगी है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने खुद कमान संभाली। सोमवार सुबह वह सिटी पार्क पहुंचे और वहां टहलने आए सीनियर सिटीजंस से सीधी बात की। उन्होंने बुजुर्गों को दोहरे हत्याकांड से जुड़े पोस्टर दिखाए और उनसे अपील की कि यदि उनके पास आरोपी या इलाके में सक्रिय अन्य अपराधियों के संबंध में कोई भी जानकारी हो, तो उसे सीधे उनके व्यक्तिगत नंबर पर साझा करें। दंपती मर्डर केस के बाद बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर खास पहल दंपती हत्याकांड के बाद बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिहार में एक खास और नई पहल शुरू की है। राज्य में पहली बार सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा और देखरेख के लिए इस तरह की विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत हर थाने में ‘सीनियर सिटिजन्स काउंसिल’ बनाई जाएगी। अकेले घर में रह रहे बुजुर्ग महिला और पुरुषों का एक खास व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा, जिससे पुलिस उनसे सीधे जुड़ी रहे। शहरी इलाकों में पुलिसकर्मी और ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदार सप्ताह में दो दिन बुजुर्गों के घर पहुंचकर उनका हालचाल पूछेंगे। सीनियर सिटीजंस की किसी भी शिकायत या समस्या को पुलिस सबसे पहले निपटाएगी। जरूरत पड़ने पर बड़े पुलिस अधिकारी भी खुद जाकर उनसे मिलेंगे। 150 जगहों के 2000 CCTV फुटेज खंगाले गए मामले की प्रगति की जानकारी देते हुए नगर एसडीपीओ सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस टीम अब तक लगभग 150 स्थानों से 2000 के करीब सीसीटीवी कैमरे खंगाल चुकी है। छानबीन के दौरान आरोपी एक दुकान में खरीदारी करता हुआ दिखाई दिया था, हालांकि अभी तक कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लग पाया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र की इस पहल से शहर से लेकर गांव तक के बुजुर्गों में सुरक्षा का अहसास बढ़ा है। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि जनभागीदारी और AI तकनीक के इस कॉम्बिनेशन से कातिल जल्द ही सलाखों के पीछे होगा। SIT गठित, पहले स्केच पर ₹10 हजार इनाम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT का गठन किया था। टीम ने CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया। 26 जुलाई को पुलिस ने पहले संदिग्ध का स्केच जारी किया था और उसकी जानकारी देने वाले के लिए ₹10 हजार इनाम घोषित किया था। इसके बावजूद पुलिस को उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने के संबंध में अब तक सफलता नहीं मिली। अब दूसरे संदिग्ध की AI तस्वीर जारी अब पुलिस ने CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे दूसरे संदिग्ध की तस्वीर जारी की है। गुरुवार रात जारी तस्वीर को AI तकनीक की मदद से CCTV फुटेज से मिली तस्वीर को साफ कर तैयार कराया गया है, ताकि संदिग्ध की पहचान में आसानी हो सके। पुलिस ने उसकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए ₹50 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस की ओर से जारी तस्वीर के जरिए संदिग्ध तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के करीब दो महीने बाद भी दोहरे हत्याकांड में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। SIT CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। चर्चित दोहरा हत्याकांड 20 जुलाई 2026 को हुआ था। रामबाग चौड़ी स्थित घर में रिटायर्ड पंजाब नेशनल बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अशोक कुंवर का शव पहली मंजिल के बेडरूम में पलंग पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। कमरे में खून के निशान थे और दीवारों तक पर खून के छींटे मिले थे। वहीं, नीलम कुंवर का शव दूसरी मंजिल के कमरे में मिला था। उनके हाथ-पैर पलंग के चारों खंभों से रस्सी से बांधे गए थे। चेहरे पर चौड़ी टेप चिपकाई गई थी, जबकि गले में गमछा कसा हुआ था। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका हुई थी कि बदमाश हत्या के लिए रस्सी, चाकू और टेप जैसी चीजें पहले से लेकर आए थे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *