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अररिया में दिव्यांगजनों को मिलीं 38 बैटरी वाली ट्रायसाइकिल:सेवा संकल्प दिवस पर आत्मनिर्भरता को मिला बल, ट्रेनिंग भी दी गई




अररिया में सेवा संकल्प दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष कैंप आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी की मंजूरी के बाद जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की ओर से बुनियाद केंद्र, अररिया सदर में कैंप लगाया गया। इसमें अररिया और फारबिसगंज के 38 दिव्यांगजनों को मुफ्त बैटरी चालित ट्रायसाइकिल वितरित की गई। आसानी से आवागमन और आत्मनिर्भरता पर जोर कैंप का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आवागमन में सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। बैटरी वाली ट्रायसाइकिल मिलने से लाभुकों को आने-जाने में सहूलियत होगी। उपकरण वितरण के साथ दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल के सुरक्षित संचालन की ट्रेनिंग भी दी गई। उन्हें इसके इस्तेमाल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। सरकारी योजनाओं की दी जानकारी सक्षम अररिया के जिला प्रबंधक नवीन कुमार नवीन ने दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। पात्र लाभुकों को योजनाओं से जुड़ने के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी बताई गई। कैंप में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम भी हुआ। दिव्यांगजनों को नशे के दुष्प्रभाव और इसके कारण परिवार व समाज पर पड़ने वाले असर के बारे में बताया गया। पेंशन के लिए लिए गए नए आवेदन कैंप में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सहायक उपकरणों के लिए नए आवेदन भी लिए गए। इससे जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सरकारी सहायता से जोड़ने की पहल की गई। कैंप का उद्देश्य सिर्फ उपकरणों का वितरण नहीं रहा, बल्कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी सामाजिक भागीदारी बढ़ाना भी था। बुनियाद केंद्र की टीम ने संभाली व्यवस्था सहायक निदेशक सूरज कुमार के मार्गदर्शन में अररिया सदर बुनियाद केंद्र की टीम ने कैंप को सफल बनाने में सहयोग किया। टीम में सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट तरन्नुम निगार, स्पीच एवं हियरिंग विशेषज्ञ कुमार साहेब तथा कर्मी राजा, हरदेव मंडल, असद और चंदन शामिल रहे। फारबिसगंज केंद्र के कर्मियों का भी सहयोग फारबिसगंज बुनियाद केंद्र से केस मैनेजर करुण कुमार, टेक/स्पीच विशेषज्ञ राजेश कुमार, ऑप्थेल्मो विशेषज्ञ अनिल कुमार तथा कर्मी गोपी और अशोक ने भी कैंप में सहयोग किया। बैटरी चालित ट्रायसाइकिल मिलने से लाभुकों को आवागमन का साधन मिला। इससे उनके आत्मनिर्भर बनने के साथ आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है। समावेशी समाज की दिशा में पहल जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। योजनाओं और सहायक उपकरणों की उपलब्धता से उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।



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