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‘मैंने बेटी को बढ़ाया-लिखाया, बड़ा किया और वो हमलोगों का सिर झुका कर चली गई। भगवान करे ऐसी बेटी किसी को नहीं हो। अब हम यही कहना चाहेंगे कि बेटी को जन्म लेते ही मार देना चाहिए। सरकार कहती है बेटी को पढ़ाओ, पढ़ाई के चक्कर में तो सब बर्बाद हो गया है। किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे।’ ये बातें मनोज कुमार गोस्वामी ने कही है, जिनकी बेटी रिया (18) ने अपने पसंद के लड़के से भागकर कोर्ट में शादी कर ली है। फोन कर कह भी दिया कि मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली है। जिसके बाद नाराज घर वालों और ग्रामीणों ने पुतला बनाकर रिया की अंतिम यात्रा निकाल दी। उसपर रिया का फोटो भी लगाया। बस्ती में शव यात्रा निकाली गई। इस दौरान ‘राम नाम सत्य है’ के नारे भी लगाए गए। पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी। मामला पूर्णिया के के नगर थाना क्षेत्र का है। रिया की कैसे शुरू हुई लव स्टोरी, कब घर से भागी, ग्रामीणों ने क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट…. पहले कुछ तस्वीरें…. प्रेमी का घर 100 मीटर दूर रिया का अफेयर करीब 3 साल से गांव के मिनल कुमार (24) नाम के युवक से चल रहा था। दोनों के घर की दूरी ज्यादा नहीं मात्र 100 मीटर की है। जब रिया कॉलेज जाया करती थी तो दोनों एक-दूसरे को देखा करते थे। रिया ने 12वीं पास किया था। पार्ट-1 में पढ़ाई करती थी। कॉलेज आने-जाने के क्रम में दोनों की मुलाकात भी होने लगी। रिया और मिलन एक-दूसरे को पसंद करने लगे। एक सप्ताह पहले दोनों घर से भाग गए और शादी कर ली। नवंबर में रिया की शादी फिक्स हुई थी पिता मनोज कुमार गोस्वामी बताते हैं कि हमने बेटी की शादी फिक्स कर दी थी। लड़का भागलपुर का है और सरकारी टीचर है। 6 लाख रुपए में बात बनी थी। इसी साल नवंबर में शादी का डेट रखाया था। हमलोग शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। इसी बीच बेटी ने अपनी मर्जी से भागकर शादी कर ली। अब मैं लड़के वालों को क्या बोलूंगा। किस मुंह से उनसे बात करूंगा। अब बेटी से कोई रिश्ता नहीं, मृत समान
परिजनों ने कहा कि अब रिया उनके लिए मृत समान है और उससे कोई रिश्ता नहीं रखा जाएगा। परिवार की ओर से आगे की रस्में निभाने की प्रक्रिया की जा रही है। 10वें से 13वें दिन तक श्राद्ध-पिंडदान करने की बात भी कही गई है। आगे ऐसा कोई न करें, इसलिए समाज ने कदम उठाया ग्रामीण अवधेश कुमार ने कहा कि हर बच्ची को पता चले कि ऐसी हरकत करने का नतीजा क्या होगा। इसलिए समाज ने ऐसा कदम उठाया है। हमलोगों ने पहले बैठक की थी। दोनों पक्ष को बुलाया था। कहा था कि आपलोग आपस में सहमत हो जाए। समाजिक स्तर पर आएं। जैसे पहले रहते थे, वैसे ही रहें। दोनों को अलग कर दिया जाए, पर ऐसा नहीं हुआ।
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'जन्म लेते ही बेटी को मार देना चाहिए':पुतला बनाकर निकाली शव यात्रा, पिता ने दी मुखाग्नि; बेटी ने बॉयफ्रेंड से भागकर की शादी
