![]()
भागलपुर में मंगलवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और एआईसीसी सदस्य ज्योति कुमार सिंह पहुंचे। ज्योति कुमार सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के बीच करीब 100 लोगों को सूखा नाश्ता बांटा। इसी बहाने उन्होंने सरकार की राहत व्यवस्था पर कई सवाल उठाए। उन्होंने राहत व्यवस्था पर कई सवाल उठाए। बाढ़ पीड़ितों को दोपहर और रात का खाना तो दिया जा रहा है, लेकिन सुबह के नाश्ते का इंतजाम तक नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसा कि डीएम, सीओ और मंत्री जब बाढ़ पीड़ितों के बीच जाते हैं, तो नाश्ता करके आते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के काम करने के तरीके पर सबसे तीखा हमला किया। ज्योति कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि बाढ़ के दौरान अधिकारियों का पूरा ध्यान सत्ता पक्ष के नेताओं को खुश करने में है। उन्होंने कटाक्ष किया कि अधिकारी जनता की परेशानी दूर करने के बजाय मंत्रियों को खुश करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अफसरों को यह समझना होगा कि उनकी जिम्मेदारी किसी मंत्री या नेता के लिए नहीं, बल्कि बाढ़ में फंसी जनता के लिए है। विपक्ष की अनदेखी की जाती है कांग्रेस नेता ने प्रशासन पर विपक्ष की अनदेखी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्री, सांसद और सत्ता पक्ष के विधायकों को बुलाया जाता है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को राहत व्यवस्था की जानकारी तक नहीं दी जाती। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के जनप्रतिनिधि जनता के प्रतिनिधि नहीं हैं? आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को राहत कामों में शामिल करना चाहिए। ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि राहत के लिए खर्च होने वाला पैसा किसी मंत्री या अधिकारी की जेब का नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसलिए जनता के प्रतिनिधियों को राहत कार्यों की निगरानी और जानकारी से दूर रखना उचित नहीं है।
हर साल बाढ़, हर साल राहत… आखिर स्थायी समाधान कब?
कांग्रेस प्रवक्ता ने बाढ़ के स्थायी समाधान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बचपन से हर साल बाढ़ की यही तस्वीर देख रहे हैं। घर डूबते हैं, लोग विस्थापित होते हैं, राहत शिविर लगते हैं और करोड़ों रुपए राहत के नाम पर खर्च होते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक सरकार बाढ़ आने का इंतजार करेगी और फिर राहत सामग्री बांटकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करती रहेगी? उन्होंने मांग की कि हर साल राहत पर खर्च होने वाली राशि का बड़ा हिस्सा मजबूत तटबंध, बाढ़रोधी संरचना और स्थायी समाधान पर खर्च किया जाए। ‘पीड़ित गैस सिलेंडर लेकर रह रहे हैं, यह कैसी राहत व्यवस्था?’
ज्योति कुमार सिंह ने कहा कि कई बाढ़ पीड़ित अपने साथ गैस सिलेंडर और दूसरी जरूरी सामग्री लेकर रहने को मजबूर हैं। उनके मुताबिक, इससे पता चलता है कि राहत शिविरों में सरकार की व्यवस्थाएं अभी भी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को वातानुकूलित कमरों और राजनीतिक कार्यक्रमों से बाहर निकलकर राहत शिविरों में जाकर वास्तविक स्थिति देखनी होगी।
Source link
कांग्रेस प्रवक्ता ने 100 लोगों के बीच बांटा सूखा नाश्ता:बोले- अफसर मंत्री-सांसदों को खुश करने में लगे, जनता पर ध्यान नहीं है
