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समस्तीपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंची पूर्व विधायक:नाव से पहुंचकर लोगों के बीच बांटी राहत सामग्री, सामुदायिक किचन की व्यवस्था की मांग की




समस्तीपुर से गुजरने वाली गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण एक लाख से अधिक लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब भी सामुदायिक किचन शुरू नहीं होने से लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या बनी हुई है। इस बीच मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक एवं राजद की प्रदेश प्रवक्ता एज्जिया यादव ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंचकर लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण शुरू किया। पूर्व विधायक ने बाढ़ प्रभावित चापर, डुमरी पश्चिमी और डुमरी दक्षिणी पंचायत के विभिन्न इलाकों में नाव से पहुंचकर लोगों के घरों के समीप राहत सामग्री बांटी। इस दौरान घरों की छतों पर समय काट रहे बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री मिलने से थोड़ी राहत मिली। लोग बोले- पहली बार हम लोगों को कोई पूछने आया है गांव के अंदर राहत का इंतजार कर रहे लोगों ने बताया कि बाढ़ आने के बाद पहली बार उनके बीच राहत सामग्री पहुंची है। पानी से घिरे लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई परिवार घरों की छतों पर किसी तरह समय काट रहे हैं। वहीं, जिन लोगों के पास पक्के मकान नहीं हैं और जिनके घर बाढ़ के पानी में घिर गए हैं, वे गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। राहत सामग्री वितरण के दौरान एज्जिया यादव ने कहा कि मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र के मोहिउद्दीननगर, मोहनपुर और सीमावर्ती विद्यापतिनगर क्षेत्र में एक लाख से अधिक लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। राज्य में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन अब तक सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे गांवों में फंसे लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या गंभीर हो गई है। राजद नेता बोलीं- लगातार जारी रखेंगे अभियान एज्या यादव ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कई प्रभावित इलाकों में अब तक राहत सामग्री का वितरण नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। वह इस क्षेत्र की पूर्व विधायक रह चुकी हैं, इसलिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में उन्होंने राहत सामग्री वितरण का अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पूर्व विधायक ने मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित सभी इलाकों में सामुदायिक किचन शुरू करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन शुरू करने के साथ ही राहत सामग्री, पेयजल, पशु चारा और दवाओं की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गांवों में पानी जमा होने के कारण लोग कई तरह की बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का इलाज करना चाहिए।



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