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चंडीगढ़ में हुई पंजाबी इन्फ्लुएंसर युवती की हत्या:गिरफ्तार आरोपी का खुलासा, दोस्त से रिलेशन था, उसी ने मारा; 3 माह की प्रेग्नेंट थी




पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की हत्या को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अब तक माना जा रहा था कि उसकी हत्या पंजाब के मोरिंडा में हुई, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि वारदात चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में हुई थी। जांच में सामने आया है कि मामले का मुख्य आरोपी रिंकू है। मनजीत कौर का उसी से विवाद चल रहा था। हत्या से पहले दोनों के बीच बहस और मारपीट हुई थी। गिरफ्तार आरोपी पिंदा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने केवल रिंकू का साथ दिया था। वहीं, सूत्रों के अनुसार, पिंदा ने बताया कि मनजीत कौर दोस्त रिंकू के साथ रिश्ते में थी। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के अनुसार, मनजीत कौर करीब तीन महीने की प्रेग्नेंट थी। जांच के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, बच्चे के पिता और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों की डीएनए टेस्ट के बाद ही पुष्टि हो पाएगी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर के अपहरण और हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाब के कपूरथला निवासी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा के रूप में हुई है। वहीं, मामले में दो अन्य आरोपी रिंकू और शुभी अभी फरार हैं। पुलिस टीमें दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अब पढ़िए मामले में क्या नए खुलासे हुए… रिंकू से बहस के बाद मनजीत से हाथापाई, सेक्टर-34 में ही हत्या मनजीत कौर केस की जांच में अब घटनाक्रम को लेकर नया एंगल सामने आया है। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने बताया कि घटना से पहले रिंकू और मनजीत कौर के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां विवाद फिर बढ़ गया और हाथापाई हुई। इसके बाद मनजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया था। यहीं मनजीत से मारपीट करने के बाद उसे जलाया गया। हालांकि, पुलिस अभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से इसकी पुष्टि कर रही है। पहले मोरिंडा ले जाने की बात, अब सेक्टर-34 पर फोकस जांच की शुरुआत में सामने आया था कि मनजीत को सेक्टर-34 से अगवा करने के बाद मोरिंडा ले जाया गया, जहां उसे पेड़ से बांधकर तेल डालकर जलाया गया। अब पुलिस को मिले नए सुराग इस कहानी की दिशा बदल रहे हैं। आशंका है कि कथित वारदात सेक्टर-34 में ही हुई और बाद में मनजीत को पंजाब के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। गंभीर हालत में उसे आगे इलाज के लिए पीजीआई भी पहुंचाया गया था। पुलिस अब दोनों जगहों से जुड़े साक्ष्यों और घटनाक्रम को जोड़ रही है। डंप डाटा से खुलेगा उस रात कौन-कौन था आसपास पुलिस सेक्टर-34 और आसपास के इलाके का उस रात का मोबाइल डंप डाटा खंगाल रही है। इससे घटना के समय वहां सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही कॉल डिटेल, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। मकसद यह पता लगाना है कि वारदात के दौरान कौन लोग मौके के आसपास मौजूद थे और घटना के बाद किन रास्तों से आवाजाही हुई। मां ने रिंकू-पिंदा पर जताया था शक, तकनीकी जांच से पिंदा तक पहुंची पुलिस मनजीत की मां ने शुरुआत से रिंकू और परमिंदर सिंह पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने किडनैपिंग वाली रात की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों से पिंदा की मौजूदगी के संबंध में सुराग मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान भी शक के दायरे में आए लोग मनजीत के आसपास आते-जाते रहे थे। पिंदा से पूछताछ के बाद रिंकू और शुभी की तलाश तेज सेक्टर-34 थाना प्रभारी शादीलाल अब परमिंदर सिंह पिंदा को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी में है। पूछताछ के जरिए फरार रिंकू और शुभी के ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। जांच में पुलिस का फोकस तीन बिंदुओं पर है- मनजीत को कहां और कैसे ले जाया गया, उसके साथ वारदात किस जगह हुई और इसमें किस-किस की भूमिका थी।



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