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मोतिहारी में नवजात बच्चे की खरीद-बिक्री से जुड़े मामले का पुलिस ने 11 दिनों के भीतर दूसरी बार खुलासा किया है। पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नवजात शिशु की खरीद-बिक्री के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें छह पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक एंबुलेंस और एक ऑल्टो कार को भी पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, नवजात बच्चे को खरीदकर ले जाने वाले औरंगाबाद के एक दंपती ने पूछताछ में बताया कि वे करीब ढाई महीने से बच्चे की तलाश में थे। पटना में उनकी मुलाकात अमित नाम के व्यक्ति से हुई थी। अमित ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह बच्चा उपलब्ध करा देगा। इसके बाद उनकी मुलाकात चंदन राम से कराई गई। चंदन ने बच्चे की व्यवस्था कराने की बात कही। ‘डॉक्टर ने कहा था, कभी मां नहीं बन पाऊंगी’ पुलिस की पूछताछ में दंपती ने बताया कि महिला को बच्चा नहीं हो रहा था। डॉक्टर से इलाज कराने पर उसे बताया गया कि उसके यूटेरस में खराबी है और वह कभी मां नहीं बन पाएगी। डॉक्टर की बात सुनने के बाद वह काफी मायूस हो गई थी। इसी दौरान पटना में अमित नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। अमित ने कहा कि वह उन्हें बच्चा उपलब्ध करा सकता है, लेकिन इसके लिए पैसे देने होंगे। इसके बाद दंपती बच्चे को लेने के लिए तैयार हो गया। महिला के अनुसार, करीब ढाई महीने पहले अमित और चंदन से इस संबंध में बातचीत हुई थी। इसके बाद कल फोन कर बताया गया कि बच्चे की व्यवस्था हो गई है। उनसे 1 लाख 80 हजार रुपए लेकर पकड़ीदयाल आने को कहा गया। ‘बच्चा बीमार है, इलाज भी कराना होगा’ दंपती ने पुलिस को बताया कि फोन पर उन्हें यह भी कहा गया कि नवजात बच्चा थोड़ा बीमार है और उसके इलाज के लिए भी पैसे खर्च करने होंगे। सूचना मिलने के बाद वे पकड़ीदयाल पहुंचे। वहां एक डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को रखने और इलाज की पर्याप्त सुविधा यहां नहीं है। इसके बाद बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। दंपती नवजात को लेकर आगे बढ़ ही रहा था कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में नवजात शिशु की खरीद-बिक्री करने वाला गिरोह सक्रिय है और बच्चे की डील होने वाली है। सूचना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई। इसके बाद पकड़ीदयाल के प्रभारी एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। एसडीपीओ के अनुसार, सूचना मिली थी कि विशाल चाइल्ड केयर, पकड़ीदयाल अस्पताल के पास से खरीद-बिक्री किए गए नवजात शिशु को एंबुलेंस और ऑल्टो कार से चोरमा कोठी बाजार की ओर ले जाया जा रहा है। इसके बाद पकड़ीदयाल थाना पुलिस, गश्ती दल, एएचटीयू (AHTU) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने चोरमा कोठी बाजार के पास घेराबंदी कर दी। एंबुलेंस में महिला के हाथ में था नवजात पुलिस ने मौके पर एक एंबुलेंस और उसके पीछे चल रही ऑल्टो कार को रोक लिया। एंबुलेंस में एक महिला नवजात बच्चे को हाथ में लिए हुई थी। उसके साथ अन्य लोग भी मौजूद थे। ऑल्टो कार में भी कई लोग सवार थे। पुलिस ने मौके से कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया और सभी से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में सामने आया खरीद-बिक्री का नेटवर्क पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया कि वह नवजात बच्चे को खरीदकर ले जा रही थी। वहीं अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपितों ने नवजात शिशु की खरीद-बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। औरंगाबाद के दंपती ने बताया कि करीब ढाई माह पहले पटना में उनकी मुलाकात अमित नाम के व्यक्ति से हुई थी। अमित ने उनकी मुलाकात चंदन राम से कराई थी। चंदन ने उन्हें बच्चा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली थी। बाद में उसी ने फोन कर बच्चे को लेने के लिए पकड़ीदयाल बुलाया था। आठ लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में गौतम कुमार, चंदन राम, छोटू कुमार, कुणाल कुमार, गुड्डू कुमार समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि नवजात की खरीद-बिक्री के पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को कहां से लाया गया था और इस नेटवर्क में इसके अलावा कौन-कौन लोग शामिल हैं। 11 दिनों में दूसरी कार्रवाई मोतिहारी पुलिस की ओर से 11 दिनों के भीतर नवजात शिशु की खरीद-बिक्री से जुड़े मामले का यह दूसरा खुलासा बताया जा रहा है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने एंबुलेंस और कार को रोककर नवजात को बरामद किया और आठ लोगों को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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मोतिहारी में 1.80 लाख में नवजात का सौदा, 8 अरेस्ट:पटना के अमित से हुई थी दंपती की मुलाकात, चंदन राम ने बच्चा उपलब्ध कराने का लिया जिम्मा
