राजधानी पटना में पहली बार तीन दिवसीय कृष्णोत्सव का आयोजन किया गया है। कल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मिलर स्कूल ग्राउंड में इस समारोह का उद्घाटन किया था।
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आज समारोह के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे। वहीं, राज्यसभा सांसद संजय झा और भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा भी शामिल होंगे।
आज महोत्सव के दूसरे दिन बच्चों के लिए भगवान श्रीकृष्ण की थीम पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसके साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन भी किया जाएगा। बांसुरी वादन की जुगलबंदी भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।

तीन दिवसीय कृष्णोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया।
कृष्ण ने कूटनीति सिखाई, इसके बिना नहीं हो सकती राजनीति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भगवान राम ने मर्यादा सिखाई तो श्रीकृष्ण ने अन्याय के खिलाफ लड़ने की सीख दी। कुटनीति सिखाई। कुटनीति नहीं हो तो राजनीति सफल हो ही नहीं सकती।
CM सम्राट ने नौजवानों से अपील किया कि ‘भगवान श्रीकृष्ण ने जो रास्ता दिखाया है, उसे आगे बढ़ाना है।’ कल समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ डिप्टी सीएम विजय चौधरी, समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य सायन कुणाल मौजूद रहे।
बांसुरी की सुरीली धुन और भजनों की प्रस्तुति हुई
बुधवार को पहली बार आयोजित कृष्णोत्सव में बांसुरी की सुरीली धुन और समूह नृत्य के साथ भजनों की प्रस्तुति से माहौल कृष्णमय हो गया।
अंतरराष्ट्रीय बांसुरी वादक डॉ. मुजतबा हुसैन ने राग देश पर आधारित श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी… की धुन सुनाई।

नृत्य के जरिए श्रीकृष्ण के जीवन के कई प्रसंगों को दिखाते कलाकार।
नृत्य के जरिए श्रीकृष्ण के जीवन को दिखाया
इसके बाद ओडिशा से आए प्रिंस ग्रुप के कलाकारों ने नृत्य के जरिए श्रीकृष्ण के जीवन के कई प्रसंगों को साकार किया।
वहीं, बांसुरी वादक डॉ. मुजतबा हुसैन की पुत्री चाहत हुसैन ने मधुराष्टकम् अधरम् मधुरम से शुरुआत कर एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा… और ऐसी लागी लगन… आदि भजन गाकर कृष्ण प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा
आयोजन यूथ एलायंस फॉर सोशल हारमोनी एंड एनवायरनमेंट की ओर से किया जा रहा है।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य सायन कुणाल ने बताया, ‘कृष्णोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, संगीत और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना तथा युवाओं को सनातन परंपरा से जोड़ना है।’
उन्होंने लोगों से सपरिवार महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
