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Apple New CEO John Ternus Replaces Tim Cook


4 मिनट पहले

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जॉन टर्नस अब एपल को लीड करेंगे, जबकि टिम कुक अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar

जॉन टर्नस अब एपल को लीड करेंगे, जबकि टिम कुक अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में जा रहे हैं।

बात 2001 की है। एक 26 साल का नौजवान इंजीनियर आंखों में कुछ अलग करने का सपना लिए एपल के दफ्तर में दाखिल होता है। उसका काम था- मैक कंप्यूटरों की स्क्रीन का डिजाइन तैयार करना। दिन गुजरते गए, आईफोन, आईपैड, एपल वॉच जैसे गैजेट्स दुनिया के सामने आते गए। इन सबके पीछे की हार्डवेयर इंजीनियरिंग को यही नौजवान चुपचाप तराशता रहा।

आज 25 साल बाद, 1 सितंबर को जब टिम कुक ने 15 साल बाद अपनी कुर्सी छोड़ी, तो पूरी दुनिया की नजरें इसी इंजीनियर पर जाकर टिक गईं। नाम है- जॉन टर्नस। 1976 में शुरू हुई एपल कंपनी के इतिहास में कमान संभालने वाले वे 8वें सीईओ बन गए हैं।

7 सवालों के जवाब में टर्नस की पूरी कहानी…

सवाल 1: एपल में यह क्या बदलाव हुआ है? टिम कुक ने CEO पद क्यों छोड़ा?

जवाब: एपल में 15 साल से सीईओ की कुर्सी संभाल रहे टिम कुक का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस वजह से कंपनी के 25 साल पुराने भरोसेमंद साथी और हार्डवेयर इंजीनियरिंग के बॉस जॉन टर्नस को अब कमान दी गई है। इसका ऐलान 4 महीने पहले ही हो गया था, लेकिन आज 1 सितंबर पद संभाला है।

सवाल 2: जॉन टर्नस कौन हैं? इनका एपल से कितना पुराना रिश्ता है?

जवाब: जॉन टर्नस एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जिन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से पढ़ाई की है। वे 2001 में एपल से जुड़े थे। एपल में आने से पहले उन्होंने चार साल ‘वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स’ में काम किया था।

एपल में उन्होंने अपनी शुरुआत बहुत बेसिक लेवल से की थी। मैक स्क्रीन डिजाइनिंग से शुरुआत के बाद धीरे-धीरे कंपनी की हार्डवेयर टीम के सबसे बड़े अफसर बन गए।

सवाल 3: हमारे हाथों में आज जो आईफोन और आईपैड हैं, क्या उनमें भी जॉन का कोई रोल रहा है?

जवाब: बिल्कुल! आप जो आईफोन, आईपैड, मैक, एपल वॉच, एयरपॉड्स या हाल ही में आया विजन प्रो इस्तेमाल करते हैं, उन सभी के फिजिकल डिजाइन और हार्डवेयर को तैयार करने में जॉन टर्नस और उनकी टीम का ही दिमाग रहा है। 2021 से तो वे एपल की पूरी हार्डवेयर इंजीनियरिंग के मालिक ही थे।

सवाल 4: टिम कुक के रहते हुए एपल ने जॉन टर्नस को ही अपना अगला बॉस क्यों चुना?

जवाब: देखिए, टिम कुक का ज्यादा ध्यान बिजनेस ऑपरेशन्स और सप्लाई चेन यानी सामान बनवाने और बेचने पर रहता था। लेकिन अब जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड चिप्स का है।

जॉन टर्नस एक इंजीनियर हैं। एपल को लगा कि कंपनी के अपने कल्चर, डिजाइन और चिप्स की जितनी गहरी समझ टर्नस को है, उतनी बाहर से लाए किसी बंदे को नहीं हो सकती।

सवाल 5: टिम कुक का अपने इस नए बॉस के बारे में क्या कहना है?

जवाब: टिम कुक ने जॉन की तारीफ में कहा कि “जॉन के पास एक सच्चे इंजीनियर का दिमाग, एक आविष्कारक की आत्मा और ईमानदारी से नेतृत्व करने वाला दिल है।

एपल में 25 सालों का उनका योगदान इतना बड़ा है कि गिनाया नहीं जा सकता। एपल को भविष्य में ले जाने के लिए उनसे बेहतर इंसान कोई नहीं हो सकता।”

अप्रैल 2023 में मुंबई में भारत के पहले एपल रिटेल स्टोर के उद्घाटन के दौरान एपल फैन साजिद मोइनुद्दीन के पास 'मैकिन्टोश SE' कंप्यूटर देखकर कुक कुछ इस तरह रिएक्ट करते नजर आए।

अप्रैल 2023 में मुंबई में भारत के पहले एपल रिटेल स्टोर के उद्घाटन के दौरान एपल फैन साजिद मोइनुद्दीन के पास ‘मैकिन्टोश SE’ कंप्यूटर देखकर कुक कुछ इस तरह रिएक्ट करते नजर आए।

सवाल 6: जॉन टर्नस की कमाई और नेटवर्थ कितनी है? क्या उन्हें टिम कुक जितना पैसा मिलेगा?

जवाब: एपल में 25 साल काम करके जॉन ने अपनी सैलरी, बोनस और शेयर्स के जरिए 7.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹700 करोड़ की संपत्ति बनाई है। अब सीईओ बनने के बाद उनका पैकेज भी टिम कुक जैसा ही ₹600 करोड़ करीब होगा।

टिम कुक को पिछले साल करीब ₹700 करोड़ का पैकेज मिला था। वैसे टिम कुक की कुल संपत्ति करीब 3 अरब डॉलर यानी करीब ₹28 हजार करोड़ है।

सवाल 7: जॉन टर्नस क्या करना पसंद करते हैं? उनकी पर्सनल लाइफ कैसी है?

जवाब: जॉन अपनी पर्सनल लाइफ को बिल्कुल छिपाकर रखते हैं, इसलिए उनकी फैमिली या शादी के बारे में ज्यादा जानकारी बाहर नहीं है। लेकिन उन्हें रेसिंग का बहुत शौक है।

वे साइकिलिंग करते हैं और खाली समय में ऑफ-रोड रैली कार रेसिंग करते हैं। कई बार वे वीकेंड पर अपनी ऑफिस टीम को भी वॉशिंगटन में ऑफ-रोड कार रेसिंग के लिए ले जाते हैं।

कुक ने एपल को 4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनाया

टिम कुक 1998 में एपल से जुड़े थे और 2011 में CEO बने थे। उनके नेतृत्व में एपल की मार्केट वैल्यू 350 बिलियन डॉलर (करीब ₹32 लाख करोड़) से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹350 लाख करोड़) हो गई है।

कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 108 बिलियन डॉलर (करीब ₹10 लाख करोड़) से बढ़कर 2025 में 416 बिलियन डॉलर (₹39 लाख करोड़) के पार पहुंच गया है।

एपल से जुड़े 3 जरूरी आंकड़े

एपल अब दुनिया के 200 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में काम कर रही है।

दुनियाभर में एपल के 500 से ज्यादा रिटेल स्टोर्स हैं।

वर्तमान में दुनिया भर में 2.5 बिलियन से ज्यादा एपल डिवाइस एक्टिव हैं।



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