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औरंगाबाद शहर के निचले इलाकों में घुसा बारिश का पानी:जलजमाव के खिलाफ एक घंटे सड़क जाम; वार्ड 26, 27, 28 के लोगों का प्रदर्शन




औरंगाबाद शहर के कई मोहल्लों में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गई है। कामा बिगहा, यमुना नगर, शाहपुर टिकरी बिगहा और हंसौली इलाके में पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई घर पानी से घिरे हुए हैं, जबकि निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा रहने के कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। उन्हें प्रतिदिन घुटने भर पानी से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26, 27 और 28 के मोहल्लेवासियों ने जलजमाव के विरोध में कामा बिगहा के समीप एनएच-19 को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि नगर परिषद की लापरवाही के कारण उन्हें घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि दक्षिणी इलाके से आने वाला बारिश का पानी पहले धर्मशाला रोड होते हुए गणेश मंदिर पुल के नाले से अदरी नदी में विराटपुर की ओर जाता था। अब पानी का रुख शाहपुर और कामा बिगहा की ओर कर दिए जाने से मोहल्लों में जलजमाव हो रहा है।लोगों ने यह भी कहा कि एनएच के किनारे बनाया जा रहा नाला अधूरा रहने के कारण जल निकासी प्रभावित है। प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक एनएच-19 पर आवागमन बाधित रहा। सूचना पर नगर थाना की पुलिस पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ईओ ने कहा- वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही, बरसात के बाद शुरू होगा नाला निर्माण मामले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि वार्ड संख्या 27 और 28 में कुछ स्थानों पर बारिश का पानी जमा हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट लगाया गया है और जल निकासी के वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। ईओ के अनुसार, जिस नाले के कारण परेशानी उत्पन्न हुई है, उसका टेंडर हो चुका है। बरसात समाप्त होने के बाद नाले का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। फिलहाल नगर परिषद की ओर से जलजमाव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने की कोशिश की जा रही है। लगातार बारिश से जिले दर्जनों गांवों में घुसा पानी, धान की फसल डूबी औरंगाबाद जिले में लगातार हो रही बारिश से शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गई है। सदर प्रखंड के दर्जनों गांवों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें और निचले हिस्से जलमग्न हो गए हैं। इससे लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई जगह लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। जलजमाव के कारण ग्रामीणों को घर से निकलने और जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा इधर, औरंगाबाद अनुमंडल के एसडीएम गौरव सिंह ने बुधवार को जलजमाव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शहर के प्रभावित मोहल्लों के अलावा सदर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर जलजमाव की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर पानी जमा होने और निकासी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द पानी की निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निचले इलाकों पर विशेष नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार पंपिंग सेट समेत अन्य संसाधनों का इस्तेमाल करने को कहा। प्रशासन की टीम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। देव में भी जलजमाव, सैकड़ों एकड़ धान की फसल प्रभावित देव प्रखंड में भी लगातार बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है। नगर पंचायत क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में कई जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कई स्थानों पर अब पानी तेजी से निकल रहा है। प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।वहीं, लगातार बारिश और खेतों में जलजमाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सदर और देव प्रखंड के कई इलाकों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब गई है। कई दिनों तक खेतों में पानी जमा रहने से फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो तैयार हो रही धान की फसल बर्बाद हो सकती है। प्रशासन की ओर से जलनिकासी के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन खेतों से पानी पूरी तरह निकलने में समय लग रहा है।



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