मुंबई7 मिनट पहले
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और टेलीकॉम ब्रांच, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। SEBI ने आज 28 अगस्त को ड्राफ्ट ऑफर पेपर की जानकारी दी।
इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑफिशियल पोर्टल पर भी जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस का स्टेटस ‘अप्रूव्ड’ दिखाने लगा है। यह मंजूरी जियो के पब्लिक लिस्टिंग के सफर में सबसे बड़ा रेगुलेटरी माइलस्टोन है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि IPO मार्केट में कब आएगा। लेकिन, जानकारों का अनुमान है कि दीपावली के आसपास इसे लॉन्च किया जा सकता है।

27 करोड़ शेयर से ₹37,700 करोड़ जुटाने का प्लान
इसी साल 19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया था कि कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी लाने जा रही है।
उन्होंने बताया था कि कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी और IPO के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर यानी ₹37,700 करोड़ जुटाने की योजना है।
यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इस IPO का ऐलान पिछले साल की AGM में भी किया गया था, लेकिन पश्चिम एशिया में जंग होने की वजह से इसे टाल दिया गया।
आकाश ने कहा था- जियो के 52.4 करोड़ से ज्यादा ग्राहक
आकाश अंबानी ने कहा था कि जियो भारत के लिए अपना सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है और इसके लिए वैश्विक सैटेलाइट कंपनियों के साथ साझेदारी की जा रही है।
आकाश ने कहा कि कंपनी ने AI एजेंट्स के लिए ‘जियो टेलीफ्रेम’ प्लेटफॉर्म पेश किया है। जियो होम्स के जरिए घरों में 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड स्पीड वाली ब्रॉडबैंड सेवा देने की तैयारी है।
आकाश अंबानी ने बताया था कि जियो के ग्राहकों की संख्या 52.4 करोड़ से ज्यादा हो गई है, जबकि 1.3 करोड़ से ज्यादा घर Jio AirFiber से जुड़े हैं।

ईशा अंबानी ने कहा था- जियोमार्ट के 3100+ स्टोर्स
ईशा अंबानी ने कहा था कि रिलायंस रिटेल का ग्राहक आधार लगातार बढ़ रहा है और रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 38.7 करोड़ तक पहुंच गई है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन किए, जो एक साल पहले के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
उन्होंने बताया कि होम और पर्सनल केयर कारोबार इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से पांच गुना तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3.70 लाख करोड़ रुपए हो गया।

रिलायंस की टेक कंपनी है जियो प्लेटफॉर्म्स
अंबानी ने कहा, “जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।” दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की ही टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है।
इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और एआई (AI) टूल्स मौजूद हैं। इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला, जानिए हर सवाल का जवाब
सवाल: जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर ताजा अपडेट क्या है?
जवाब: देश के मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO से जुड़े ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट्स को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ऑफिशियल पोर्टल पर भी जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) का स्टेटस अब अप्रूव्ड (मंजूर) दिखा रहा है। यह कंपनी के लिए लिस्टिंग की दिशा में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण रेगुलेटरी पड़ाव था, जो पार हो चुका है।
सवाल: इस आईपीओ के तहत कंपनी कितने शेयर बाजार में लाने वाली है? जवाब: सेबी के पास जमा कराए गए पेपर्स के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए ₹10 की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ (270 मिलियन) नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। ये सभी ‘फ्रेश इश्यू’ (नए शेयर) होंगे।
सवाल: क्या प्रमोटर्स या मौजूदा इन्वेस्टर्स भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं? जवाब: नहीं। इस आईपीओ में कोई भी ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) कंपोनेंट शामिल नहीं है। इसका सीधा मतलब यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज या कंपनी के अन्य मौजूदा बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बाजार में नहीं बेच रहे हैं। आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा।
सवाल: इस आईपीओ का प्राइस बैंड क्या होगा और यह कहां लिस्ट होगा? जवाब: आईपीओ के जरिए कुल कितनी रकम जुटाई जाएगी और इसका प्राइस बैंड क्या होगा, यह अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया है। इसे बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए आगे तय किया जाएगा। हालांकि, ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक इन शेयरों को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।
सवाल: इस आईपीओ की प्रक्रिया कब शुरू हुई थी और मुकेश अंबानी ने इस पर क्या कहा था? जवाब: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने औपचारिक रूप से इस प्रक्रिया की शुरुआत 19 जून 2026 को की थी, जब जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) को मंजूरी दी थी। उसी दिन रिलायंस की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों से कहा था, “जियो की प्रस्तावित लिस्टिंग पूरी दुनिया को यह दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक मूल्य वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।”
सवाल: जियो को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का प्लान कितना पुराना है? जवाब: रिलायंस जियो को पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाने की योजना कई साल पुरानी है। साल 2019 की एजीएम में मुकेश अंबानी ने घोषणा की थी कि कंपनी अगले 5 साल के भीतर जियो और रिलायंस रिटेल दोनों को शेयर बाजार में लिस्ट कराएगी। इसी के तहत नवंबर 2019 में रिलायंस के डिजिटल और कनेक्टिविटी बिजनेस की होल्डिंग कंपनी के रूप में ‘जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ का गठन किया गया था।
सवाल: क्या पिछले साल भी इस आईपीओ को लेकर कोई डेडलाइन तय की गई थी? जवाब: हां, 29 अगस्त 2025 को हुई रिलायंस की एजीएम में मुकेश अंबानी ने कहा था कि जियो आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल करने की तैयारियां कर रहा है और कंपनी का लक्ष्य 2026 की पहली छमाही में इसे लिस्ट कराने का है। इसके बाद अप्रैल 2026 में वित्तीय नतीजों के दौरान मैनेजमेंट ने बताया था कि आईपीओ का काम अंतिम चरण में है, जिसके बाद जून में पेपर्स फाइल किए गए।
सवाल: बिजनेस और कमाई के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति कैसी है? जवाब: जियो का वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी ने कुल ₹1,46,885 करोड़ का रेवेन्यू (कमाई) दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी का एबिटडा (EBITDA) ₹76,255 करोड़ रहा, जबकि टैक्स चुकाने के बाद कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹30,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
सवाल: वर्तमान में रिलायंस जियो के पास कुल कितने ग्राहक हैं? जवाब: जून 2026 में हुई रिलायंस की मीटिंग में साझा की गई जानकारी के मुताबिक, जियो का कुल यूजर बेस 52.4 करोड़ (524 मिलियन) को पार कर चुका है। यूजर बेस के मामले में यह देश की सबसे बड़ी और दुनिया की अग्रणी टेलीकॉम व डिजिटल सर्विस कंपनियों में शामिल है।

