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'नेताओं के बेटे सरकारी स्कूल में ही पढ़ें':पप्पू यादव बोले- ऐसा नहीं होता तो ये सरकार की गलती; समस्तीपुर में NSUI की भूख हड़ताल खत्म कराने पहुंचे थे




‘नेता या पदाधिकारी का बच्चा हर कीमत पर सरकारी स्कूल में पढ़े और सरकारी अस्पताल में ही उसका इलाज हो। अगर किसी नेता का बच्चा सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ना चाहता है तो ये सरकार की गलती है।’ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को समस्तीपुर में ये बातें कही। पप्पू यादव समस्तीपुर में पिछले 6 दिनों से जारी एनएसयूआई की भूख हड़ताल को खत्म कराने पहुंचे थे। दरअसल, सरायरंजन से गुजरने वाले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट बदले जाने खबर आई थी। इससे सरायरंजन का केएसआर कॉलेज, सरायरंजन बाजार की 150 दुकानें इसकी जद में आ रही थी। इसी के खिलाफ पिछले 6 दिनों से एनएसयूआई की ओर से भूख हड़ताल की जा रही थी, जिसे खत्म कराने के लिए पप्पू यादव यहां आए थे। सांसद पप्पू यादव के संबोधन के बाद उन्होंने छात्र नेताओं और सदर एसडीओ के साथ वार्ता कर भूख हड़ताल समाप्त कराई। संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग 55 लाख फॉर्म हर बार हर साल सरकार निकालती है। 450 करोड़ के हिसाब से आप हिसाब निकाल लीजिए कि सरकार ने आम आदमी, गरीब और मिडिल क्लास के बच्चों से कितने पैसे लिए। उन्होंने कहा कि मैंने संसद के अंदर भी पूछा कि जब एक रुपए में किसी उद्योगपति को जमीन दी जा सकती है, तो एक रुपए में आम आदमी के बच्चे को फॉर्म भरने की इजाजत क्यों नहीं मिल सकती। मैं हमेशा कहता हूं कि बच्चों पर बोझ मत डालिए। ‘स्कूल के टाइम में कोचिंग क्लासेज न चलाई जाए’ पूर्णिया सांसद ने कहा कि जंतर मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के लिए इस्तीफे की मांग वाले आंदोलन में शामिल बच्ची के साथ उसके घर जाकर छेड़खानी की गई। उसकी मां को टॉर्चर किया गया। ये सब हम लोग कब तक बर्दाश्त करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की डिमांड है कि सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक किसी भी प्राइवेट कोचिंग का संचालन न हो, क्योंकि ये स्कूल का टाइम होता है। जो मिडिल क्लास के बच्चे, आम आदमी के बच्चे हैं, वे इस टाइमिंग के दौरान कोचिंग नहीं जा पाते। कोचिंग सिस्टम को खत्म करना होगा। पप्पू यादव ने कहा- समस्तीपुर के जिलाधिकारी से पत्राचार किया है इस मौके पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि समस्तीपुर के जिलाधिकारी ने एक्सप्रेसवे के बदले गए एलाइनमेंट के कारण जद में आ रहे सरायरंजन कॉलेज और बाजार की दुकानों को बचाने के लिए एनएचआई से पत्राचार किया है। वहीं, स्कूल के समय में कोचिंग संस्थानों के संचालन पर रोक लगाने के लिए सदर एसडीओ और जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि अब स्कूल के समय में कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा। इस संबंध में दो दिनों के अंदर जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी किया जाएगा। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि वे अगले दो दिनों के अंदर इस मुद्दे को लेकर बिहार के राज्यपाल, एनएचआई के अध्यक्ष और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वस्तुस्थिति स्पष्ट कर किसी भी कीमत पर कॉलेज और दुकानों को ध्वस्त नहीं होने दिया जाएगा। पहले ग्रीनफील्ड इलाके से गुजर रहा था एक्सप्रेसवे बताया जाता है कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का पहले स्वतंत्र सर्वे कराया गया था। उस समय एक्सप्रेसवे सरायरंजन बाजार से करीब एक किलोमीटर पहले से गुजर रहा था और पूरी तरह ग्रीनफील्ड क्षेत्र से होकर प्रस्तावित था। इससे कॉलेज और बाजार इसकी जद में नहीं आ रहे थे। बाद में एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट में बदलाव किया गया, जिसके कारण कॉलेज के साथ ही बाजार की दुकानें भी इसकी जद में आ गईं। इसके बाद लोगों को जगह खाली करने के लिए नोटिस भेजा गया। नोटिस जारी होने के बाद से लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं और विभिन्न मंचों से एलाइनमेंट बदले जाने का विरोध किया जा रहा है। इसी कड़ी में कॉलेज को बचाने के लिए छात्र संगठन एनएसयूआई ने भूख हड़ताल शुरू की थी। छह दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। सांसद पप्पू यादव के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को भूख हड़ताल समाप्त करा दी गई।



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