नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
- कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से कहा कि आपको यूपीएससी की तरह मजबूत परीक्षा सिस्टम बनाना होगा और उनकी तरह आयोजित करनी होगी। साथ ही NTA में टेक्निकल एक्सपर्ट्स को शामिल करना चाहिए।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नीट परीक्षा के लिए बनाया गया सिस्टम पूरी तरह फूलप्रूफ है। इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। पेपर तैयार करने से लेकर छात्रों तक पहुंचाने में गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। इनमें NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम बनाने की मांग की गई है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताए NEET पेपर की सुरक्षा के कई स्तर
- कई मॉडरेटर सवाल तैयार करते हैं- कई मॉडरेटर प्रश्न बैंक बनाते हैं। फिर 100-100 सवाल चुनकर 4 अलग पेपर तैयार होते हैं। इनमें से 2 पेपर एनटीए महानिदेशक चुनते हैं। किसी को पहले से पता नहीं होता कि अंतिम पेपर कौन-सा होगा।
- 13 भाषाओं में प्रश्न बैंक- 500 सवालों का प्रश्न बैंक 13 भाषाओं में तैयार होता है। केंद्र ने बताया कि इसका अनुवाद इंसानों के जरिए किया जाता है।
- दो प्रिंटिंग प्रेस में छपते हैं पेपर- पेपर सीलबंद कवर में दो तय प्रिंटिंग प्रेस भेजे जाते हैं। वहां सीसीटीवी और सीआईएसएफ की निगरानी रहती है। प्रिंटर को भी पता नहीं होता कि पेपर किस परीक्षा का है।
- डिजिटल चाबी और कोड से बॉक्स खुलता है- पेपर ले जाने वाले व्यक्ति के पास डिजिटल चाबी होती है, लेकिन बॉक्स खोलने का कोड उसके पास नहीं होता। यह कोड एनटीए महानिदेशक की अनुमति से दिया जाता है।
- सीलबंद लोहे के बॉक्स में पेपर- पेपर ऐसे लोहे के बॉक्स में रखे जाते हैं, जिसे बंद करने के बाद बिना लॉक तोड़े खोला नहीं जा सकता।
- हर पैकेट में अलग क्रम वाले पेपर- 24 पेपर के पैकेट में सवालों का क्रम अलग-अलग होता है। पैकेट पर वॉटरमार्क नंबर, शहर, केंद्र और पैकेट नंबर दर्ज होता है।
- दो बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे जाते हैं- पेपर के दो सेट अलग-अलग बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे जाते हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है और संबंधित अधिकारी हस्ताक्षर करते हैं।
- जीपीएस से ट्रैक होती है गाड़ी- बैंक से परीक्षा केंद्र तक पेपर ले जाने वाली गाड़ी में जीपीएस लगा होता है। उसकी छोटी से छोटी गतिविधि रिकॉर्ड होती है। पुलिस सुरक्षा में पेपर केंद्र तक पहुंचते हैं।
- परीक्षा से पहले बॉक्स खोला जाता है- परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले दो छात्रों की मौजूदगी में बॉक्स खोला जाता है। इसकी वीडियोग्राफी भी होती है।
- 24 छात्रों के लिए अलग पैकेट- हर कक्षा के 24 छात्रों के लिए अलग पैकेट होता है। कक्षा समन्वयक यह पैकेट छात्रों को देते हैं और छात्र खुद इसे खोलते हैं।

