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औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बक्स बाबा मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा की और नाग देवता को दूध-लावा अर्पित किया। बक्स बाबा मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर पिछले करीब 60 वर्षों से मेले का आयोजन होता आ रहा है। वर्षों पुरानी इस परंपरा के कारण जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी रही। सुबह से लेकर दिनभर मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की। मंदिर परिसर के आसपास मेला भी लगा, जहां अलग-अलग तरह की दुकानें सजी रही। लोगों ने पूजा सामग्री की खरीदारी के साथ मेले का भी आनंद लिया। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, पुलिस बल की तैनाती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर पुलिस लगातार नजर रखती रही। एसडीपीओ सदर-2 आदित्य कुमार, मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार समेत अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया था। प्रशासन की नजर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। जिला परिषद सदस्य शंकर यादवेंदु समेत स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। ओरडीह पहाड़ी के नाग बाबा मंदिर में भी उमड़ी भीड़ वहीं, नाग पंचमी के अवसर पर कुटुंबा प्रखंड के ओरडीह पहाड़ी स्थित नाग बाबा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही लोग मंदिर पहुंचकर नाग बाबा की पूजा-अर्चना करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने नाग देवता को लावा और दूध अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का है विशेष महत्व हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। नाग को देवता का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग देवता भगवान शिव के गले का आभूषण और भगवान विष्णु की शैय्या के रूप में पूजनीय हैं। नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। नाग पंचमी को कुंडली में नाग दोष अथवा कालसर्प दोष से संबंधित धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू परंपरा में देवी-देवताओं के साथ उनके प्रतीकों और वाहनों की पूजा का भी विधान है। नाग पंचमी इसी धार्मिक परंपरा का एक प्रमुख पर्व है। व्रत में नमक से परहेज की परंपरा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु सात्विक आहार ग्रहण करते हैं। कई स्थानों पर इस दिन नमक को वर्जित माना गया है। विशेष रूप से मदनपुर इलाके में लोग नाग पंचमी के दिन नमक खाने से परहेज करते हैं। श्रद्धालु फल, दूध और अन्य फलाहारी पदार्थों का सेवन कर व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे दिन उपवास करते हैं और शाम को पूजा के बाद ही फलाहार करते हैं। नाग पंचमी के दिन पूजा के साथ व्रत और संयम का भी महत्व माना गया है। नमक का त्याग इसी संयम और सात्विक जीवन का हिस्सा माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक या चिकित्सकीय दृष्टि से नमक छोड़ना नाग पंचमी की अनिवार्य धार्मिक शर्त नहीं है। व्रत रखने वाले लोगों को अपनी शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आहार लेना चाहिए।
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औरंगाबाद के बक्स बाबा मंदिर में उमड़ी भीड़:नाग पंचमी पर 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे; मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
