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, फल्गु की सफाई 24 घंटे; 40 लाख की निकासी पर भी उठे सवाल
गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। नगर निगम ने तैयारियों को तेज कर दी है। इस बार मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर सिर्फ जमीन से नहीं आसमान से भी नजर रखी जाएगी। सफाई व्यवस्था की निगरानी ड्रोन से होगी। फल्गु नदी की सफाई के लिए आधुनिक सफाई नाव 24 घंटे चलेगी। श्रद्धालुओं को ठंडा-शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए सोलर वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। 25 सितंबर से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गया पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए नगर निगम ने सफाई, पेयजल और निगरानी व्यवस्था पर विशेष फोकस किया है। बुधवार को नगर निगम सभागार में मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की हुई बैठक में इसकी कार्ययोजना तैयार की गयी। बैठक का संचालन समिति सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। सफाई में लापरवाही की गुंजाइश नहीं मेयर ने कहा कि गयाजी की पहचान पितृपक्ष मेला और पिंडदान की परंपरा से है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधा देना निगम की जिम्मेदारी है। इस बार सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मेला क्षेत्र में सफाई का काम आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराया जाएगा। इसकी निगरानी ड्रोन से की जाएगी। पितृपक्ष मेले के दौरान फल्गु नदी की सफाई पर भी विशेष जोर रहेगा। नदी में आधुनिक सफाई नाव से 24 घंटे सफाई कराने की योजना है। नदी और आसपास के क्षेत्र की लगातार निगरानी होगी। ताकि पिंडदानियों को कर्मकांड के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध हो। पेयजल के लिए प्रमुख स्थानों पर सोलर वाटर एटीएम लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को ठंडा और शुद्ध पानी मिलेगा। सोलर आधारित व्यवस्था होने से बिजली पर निर्भरता भी कम होगी।
लेजर शो से दिखेगा गयाजी का धार्मिक महत्व इस बार मेले में लेजर लाइट शो भी आकर्षण का केंद्र होगा। इसके माध्यम से गयाजी के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी। धार्मिक मान्यताओं और गयाजी की विरासत को आकर्षक तरीके से दिखाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, कई वर्षों से बंद ब्रह्मसरोवर का लाइट एंड साउंड कार्यक्रम भी फिर शुरू करने की तैयारी है। इससे ब्रह्मसरोवर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक और आकर्षण जुड़ जाएगा।
40 लाख की निकासी पर स्वच्छता पदाधिकारी को फटकार बैठक में निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार की ओर से सशक्त समिति और बोर्ड की अनुमति के बिना करीब 40 लाख रुपए की निकासी का मामला सामने आया। बताया गया कि इस राशि से दीवार पेंटिंग का काम कराया गया। मामले को लेकर मेयर और नगर आयुक्त डॉ. गगन ने स्वच्छता पदाधिकारी को फटकार लगाई। सवाल उठाया गया कि बिना अनुमति राशि कैसे निकाली गई। नगर आयुक्त ने जांच कराने की बात कही। साथ ही 90 दिनों के अंदर राशि जमा करने का निर्देश दिया गया। राशि जमा नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई और निलंबन की कार्रवाई की बात कही गई।
दस दिनों में साफ होंगे नाले शहर के नाले-नालियों की सफाई को लेकर भी समिति ने सख्ती दिखाई। सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि कई वार्डों में अभी सफाई पूरी नहीं हुई है। बारिश होते ही जलजमाव की स्थिति बन रही है। ऐसे में पितृपक्ष मेले के दौरान परेशानी बढ़ सकती है।
शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए विशेष टीम बनेगी। इसमें तीन वार्ड पार्षद और तीन अभियंता होंगे। टीम स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।
बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, उपेंद्र कुमार सिंह, सारिका कुमारी, तब्बसुम परवीन समेत उप नगर आयुक्त, कार्यपालक अभियंता, जेई, एई और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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दस दिनों के अंदर नाले नालों की सफाई:पितृपक्ष मेले में ड्रोन से होगी सफाई की निगरानी, बिना अनुमति 40 लाख की निकासी पर फटकार
