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भागलपुर में श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाले कच्ची कांवड़िया पथ पर इन दिनों आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पहुंची करीब 50 से 60 श्रद्धालुओं की टोली लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस टोली की सबसे खास बात करीब 150 किलोग्राम वजन वाली महाकाल भोलेनाथ के स्वरूप में सजाई गई भव्य कांवड़ है। सावन के पवित्र महीने में चल रहे श्रावणी मेले के दौरान यह श्रद्धालु टोली बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकली है। ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगा रहे
दरअसल, कोलकाता से आई श्रद्धालुओं की यह टोली कच्ची कांवड़िया पथ से होते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की ओर बढ़ रही है। रास्ते में जहां भी यह अनोखी कांवड़ पहुंच रही है, वहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए जुट रही है। करीब 150 किलो वजन वाली इस कांवड़ को एक साथ उठाना आसान नहीं है। इसलिए टोली में शामिल करीब 60 श्रद्धालु बारी-बारी से इसे अपने कंधों पर उठाकर आगे बढ़ रहे हैं। कांवड़ को महाकाल भोलेनाथ के स्वरूप में आकर्षक तरीके से सजाया गया है। कांवड़ पर धार्मिक प्रतीकों और सजावट का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे लगा रहे हैं।
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भागलपुर में कोलकाता से आई 60 कांवड़ियों की टोली:150 किलो की महाकाल कांवड़ बनी आकर्षण, बारी-बारी से कंधे पर उठाकर चल रहे श्रद्धालु
