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सीवान में 5 दिन से जमा कचरा हटा:पुलिस सुरक्षा में रातभर चला सफाई अभियान, दुर्गंध से लोगों को मिली राहत




सीवान सहित पूरे बिहार में नगर निकाय कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब शहर की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। बीते पांच दिनों से कचरे का उठाव नहीं होने के कारण सीवान शहर में जगह-जगह कूड़े का अंबार लग गया था। बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश ने हालात को और नारकीय बना दिया। कचरा सड़क पर फैल गया, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया। शहर के कई इलाकों में जमा कचरे में घरों का गीला कचरा, मांस के अवशेष और मृत जानवरों के शव तक पड़े थे। 3 NGO को दिया गया सफाई का जिम्मा इससे उठ रही तेज दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना था कि जब शहर की सफाई का जिम्मा तीन एनजीओ को दिया गया है तो नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल के बावजूद उनसे सफाई क्यों नहीं कराई जा रही है। इस पर नगर परिषद की ओर से बताया गया कि हड़ताली कर्मियों द्वारा एनजीओ के सफाई कर्मियों को काम करने पर धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। पूर्व में भी विवाद और मारपीट की घटनाएं होने का हवाला देते हुए एनजीओ कर्मी सफाई कार्य से पीछे हट रहे थे। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आखिरकार रात के अंधेरे में सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर रात सफाई शुरू बुधवार की रात करीब 12 बजे से शहर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफाई शुरू कराई गई। जेसीबी, हाईवा, ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों के साथ तीनों एनजीओ के कर्मियों को सफाई कार्य में लगाया गया। सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी नीलम गुप्ता और नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार की मौजूदगी में पुलिस बल की तैनाती की गई। दर्जनों पुलिस पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों जवान,दंगा निरोधी वाहन और अन्य सुरक्षा इंतजामों के बीच अहले सुबह तक शहर से कचरा हटाया गया। गुरुवार सुबह जब शहरवासी घरों से निकले तो कई स्थानों पर सफाई देखकर उन्हें राहत मिली। हालांकि, रात के अंधेरे में पुलिस छावनी के बीच सफाई कराए जाने की तस्वीर पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी रही। विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की थी आशंका सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि दिन में एनजीओ कर्मियों से सफाई कराने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी। शहर में कचरे का अंबार लगा था और उसकी सफाई जरूरी थी। इसी कारण जिला पदाधिकारी के निर्देश पर रात में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफाई कराई गई। वहीं ईओ नीलम गुप्ता ने बताया कि नगर निकाय कर्मियों के हड़ताल पर रहने के बावजूद एनजीओ को सफाई कार्य जारी रखना चाहिए था। काम नहीं करने पर किंग सिक्योरिटी गार्ड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर 3.5-3.5 लाख रुपए तथा सर्जिकल सिक्योरिटी एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड पर 1.5 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। एनजीओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए।



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