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बांकीपुर उपचुनाव के बाद भी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सियासी राजनीति गरमा गई है। एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने बीजेपी सासंद मनोज तिवारी पर परिवार को न्याय के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। पीके का कहना है कि समझौता के नाम पर परिवार को 50 लाख रुपए सरकारी अनुदान दिया गया है। जिसके बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी आज गुरुवार को अपने आवास शाहपुर के बिलौटी गांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खंडन करेंगी। मनोज तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए थे भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उपचुनाव के दौरान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रशांत किशोर बेटे को खो चुकी मां से चुनाव प्रचार कराने का दबाव बना रहे थे। इंसाफ दिलाने के नाम पर झूठा आश्वासन देने वाले पीके दोबारा परिवार से मिलने क्यों नहीं गए। उसके बाद प्रशांत किशोर के निर्देश पर जनसुराज का एक प्रतिनिधिमंडल भरत के परिवार से मिलकर आरोप का खंडन करते हुए भरत के पिता का बयान सोशल मीडिया पर जनसुराज की ओर से डाला गया था। तब से भरत तिवारी प्रकरण में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। जानिए प्रशांत किशोर ने क्या है? वहीं, बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बार फिर सांसद मनोज तिवारी को घेरने का काम किया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि चुनाव के समय मनोज तिवारी भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए आए थे। अब न्याय दिलाने की जिम्मेदारी मनोज तिवारी की होनी चाहिए। चुनाव के समय न्याय दिलाने के नाम पर परिवार को बहला-फुसलाकर पटना लाकर सम्राट चौधरी से मिलवाया था। हम लोग भरत के परिवार से मिलने गए थे। जो मेरे ऊपर झूठा आरोप लगाया गया है कि भरत के परिवार से मेरे चुनाव में प्रचार-प्रसार कराया गया, वह पूरी तरह गलत है। उनके घर पर न्याय का मतलब बताया गया था। न्याय तब होगा, जब गृह विभाग के लोगों की भूमिका की जांच होगी। मनोज तिवारी को चुनौती इंटरव्यू के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया, उसी व्यक्ति के पास परिवार को ले जाकर मिला रहे हैं। 50 लाख रुपए का सरकारी अनुदान दिलाया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर तमाम चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि भरत का परिवार बिक चुका है। मैं इस मामले में चुप हूं और मनोज तिवारी को चुनौती दे रहा हूं कि भरत के परिवार को बिहार आकर न्याय दिलवाएं। अगर नहीं दिलवाओगे तो जिंदगी में बिहार में कदम नहीं रखना, क्योंकि यहां के लोग मनोज तिवारी को माफ नहीं करेंगे। बिहार में आकर मनोज तिवारी राजनीति कर रहे हैं। एक परिवार के बेटे की लाश पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला’ भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने बताया था कि घटना के चार-पांच दिन बाद ननद रूबी तिवारी समेत अन्य परिवार को अपने आवास पर बुलाए थे। कहा था कि पंद्रह दिन के अन्दर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो हमलोग आंदोलन करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। फोन नंबर देने के बाद भी हमलोगों ने कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं दिया। घर पर आकर कई बड़े-बड़े आश्वासन दिया था। सम्राट सरकार पर पूरा भरोसा सुमन ने आगे कहा कि 24 जुलाई को हमलोगों ने सांसद मनोज तिवारी से भी मुलाकात की थी, घटना की पूरी तरह जानकारी दी। मेरे देवर की हत्या कर दी गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। जिसके लिए भरत लड़ाई लड़ रहे थे आज उनकी हालत बद से बदतर बनी हुई है। उसी दिन परिवार के लोगों की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हुई। उन्हें शुरू से लेकर अंत तक की जानकारी दी गई। उन्हें आधी-अधूरी बात बताई गई थी। उसके बाद CM सर ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी। मुझे विश्वास है कि सम्राट सरकार हमारे परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे।
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'मनोज तिवारी ने भरत तिवारी के परिवार को गुमराह किया':पीके का आरोप- सांसद ने सरकारी मदद दिलाने की बात कही; मां आशा देवी आज करेंगी खंडन
