जहानाबाद के जाफरगंज मोहल्ले के मोहम्मद इश्तियाक आलम ने NEET-UG परीक्षा में 592 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है। किसान के बेटे इश्तियाक ने यह उपलब्धि बिना किसी कोचिंग संस्थान के, घर पर सेल्फ स्टडी के दम पर तीसरे प्रयास में हासिल की।
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इश्तियाक एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता मोहम्मद सगीर आलम खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। पहले दो प्रयासों में अपेक्षित परिणाम न मिलने के बावजूद इश्तियाक ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।

इश्तियाक के पिता मोहम्मद सगीर आलम ने बताया कि वे स्वयं केवल तीसरी कक्षा तक ही पढ़ पाए थे। उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का सपना देखा। उन्होंने यह भी बताया कि अपने पिता के इलाज के दौरान उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ नहीं मिल पाई थीं, जिसके कारण उनका निधन हो गया। इसी घटना के बाद उन्होंने संकल्प लिया था कि वे अपने बेटे को डॉक्टर बनाएंगे, ताकि वह गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सके।

इश्तियाक की इस सफलता से पूरे जाफरगंज मोहल्ले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं और मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इश्तियाक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग, आत्मविश्वास और नियमित सेल्फ स्टडी को दिया। उनकी यह उपलब्धि सीमित संसाधनों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
