![]()
दरभंगा जिले के बिरौल अनुमंडलीय अस्पताल में गार्ड बहाली के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 40-40 हजार की कथित वसूली का मामला सामने आया है। इस संबंध में लदहो गांव के महावीर मुखिया, चंदन सहनी, जितेंद्र पासवान, सुशील कुमार पासवान और श्यामवीर मुखिया ने थाना में लिखित आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन के एक बड़े पदाधिकारी और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता समेत कई लोग पिछले पांच वर्षों से इलाइट फ्लुकॉन कंपनी के माध्यम से गार्ड के रूप में कार्यरत थे। कंपनी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एवरेस्ट कंपनी को अनुमंडलीय अस्पताल सहित विभिन्न सीएचसी और एपीएचसी में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली। आरोप है कि नई कंपनी में ज्वॉइनिंग कराने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 40-40 हजार रुपए की मांग की गई। मोबाइल बाहर जमा कराने का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल परिसर स्थित दो मंजिला भवन के कमरा संख्या-38 में पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कराई गई। उनके अनुसार दरवाजे के कांच पर कागज चिपका दिया गया था, ताकि अंदर की गतिविधियों की वीडियोग्राफी न हो सके। अभ्यर्थियों को एक-एक कर अंदर बुलाया जाता था। उनका मोबाइल बाहर ही जमा करा लिया जाता था। कथित रूप से रुपए लेने के बाद ही अगले व्यक्ति को बुलाया जाता था। यह भी आरोप लगाया गया है कि रुपए और अभ्यर्थियों के दस्तावेज लेकर दो युवक कमरा संख्या-35 स्थित स्थापना लिपिक के कक्ष में चले गए, जहां अंदर से दरवाजा बंद कर लिया गया। विरोध होने पर बाहर से ताला लगा दिया गया। काफी हंगामे के बाद कमरा खोला गया। दावा है कि उस समय अंदर रुपए का बंटवारा किया जा रहा था, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। जातिसूचक गाली देने का आरोप शिकायतकर्ता जितेंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो उनके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की गई। बहाली नहीं होने की धमकी दी गई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाद में प्रधान लिपिक सुशील कुमार मिश्र ने कथित रूप से दोनों युवकों को वहां से भगा दिया और कहा कि अब किसी की बहाली नहीं होगी। जांच के आधार पर की जाएगी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया में करीब 20 से 25 अभ्यर्थियों से रुपए लिए गए हैं? हालांकि भय के कारण अधिकांश लोगों ने अभी तक थाना में शिकायत नहीं की है। मामले की सूचना मिलने पर बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवेदन मिला है। जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
Source link
शिकायतकर्ता का दावा- बंद कमरे में लिए गए रुपए:गार्ड बहाली के नाम पर 40-40 हजार रुपए वसूली का आरोप, थाने में शिकायत
