Headlines

दरभंगा में 4 बदमाशों पर रेप की कोशिश का आरोप:पीड़िता बोलीं- केस उठाने की धमकी मिल रही; गांव के लड़कों ने कपड़े फाड़ दिए




दरभंगा में एक महिला ने अपने ही गांव के युवक पर रेप के प्रयास का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आवेदन देने के बाद से लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल है। मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। इस मामले में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की गई है। चार नामजद युवकों समेत अन्य लोगों पर दुष्कर्म का प्रयास, छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। नशेड़ियों के कारण महिलाओं का आना-जाना मुश्किल पीड़िता फूलो देवी के आवेदन के अनुसार, उनके घर और बथान के बीच करीब 150 मीटर की दूरी पर घना बांस का झुरमुट है। जहां पिछले दो-ढाई महीनों से कुछ युवक नशा करते हैं। इससे महिलाओं और ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि 18 जुलाई 2026 की शाम करीब सात बजे वह अपनी जेठानी के साथ गाय का दूध निकालकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने पीछे से “भाभी-भाभी” कहकर आवाज लगाई। जवाब नहीं देने पर दोनों ने आगे जाकर रास्ता रोक लिया और अश्लील टिप्पणी करते हुए उनके साथ चलने का दबाव बनाया। विरोध करने पर दोनों महिलाओं के साथ छेड़खानी की गई और उन्हें जबरन बांसबाड़ी की ओर खींचने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने कपड़े फाड़ने का लगाया आरोप पीड़िता का आरोप है कि कुछ ही देर में तीन-चार अन्य युवक भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर उनके कपड़े फाड़ दिए, मारपीट की और दुष्कर्म का प्रयास किया। दोनों महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि घटना से पहले भी आरोपी करीब एक सप्ताह से उनका पीछा कर परेशान कर रहे थे। उनके पति मुंबई और देवर पुणे में काम करते हैं। गांव में उनके साथ केवल बुजुर्ग सास-ससुर और एक महिला रिश्तेदार रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिकी के लिए आवेदन देने के बाद भी आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं और घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में उनका परिवार अल्पसंख्यक है, जबकि आरोपी पक्ष संख्या में अधिक है, जिसके कारण उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी युवक मुस्लिम समुदाय के थे। यह आरोप पीड़िता का है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। पीड़िता की जेठानी ने कहा कि शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिससे बड़ी घटना टल गई। यदि ऐसे लोगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी अन्य महिला या बच्ची के साथ भी ऐसी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गांव के कुछ युवक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिससे महिलाएं और ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं। परिवार ने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पीड़िता का आवेदन मिलने होने के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने कहा कि “आरोपी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *