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लखीसराय में धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को डीएपी खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के विधानसभा क्षेत्र में किसान डीएपी खाद के लिए लगातार बिस्कोमान केंद्र का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सरकारी दावों के बावजूद, किसानों का आरोप है कि निजी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलकर डीएपी की कालाबाजारी की जा रही है। सरकारी केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं किसानों का कहना है कि धान का बिचड़ा खेतों में गिरा दिया गया है और फसल की बेहतर वृद्धि के लिए डीएपी खाद की तत्काल आवश्यकता है। सरकारी केंद्रों पर खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों ने कृषि मंत्री एवं स्थानीय विधायक विजय कुमार सिन्हा से शीघ्र डीएपी खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है। प्रबंधक बोले-डीएपी खाद के लिए लिखा पत्र वहीं, बिस्कोमान के प्रबंधक रंजय कुमार ने बताया कि पिछले कई महीनों से डीएपी खाद का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विभाग को कई बार पत्र भेजकर खाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि धान की बुआई के इस समय डीएपी की सबसे अधिक जरूरत होती है, इसलिए किसान लगातार केंद्र पर पहुंच रहे हैं। 1600 बैग यूरिया और 1000 बैग जाइम उपलब्ध प्रबंधक के अनुसार, फिलहाल बिस्कोमान में केवल 1600 बैग यूरिया, 300 बैग पोटाश और 1000 बैग जाइम उपलब्ध हैं, जबकि डीएपी का एक भी बैग स्टॉक में नहीं है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द डीएपी की आपूर्ति नहीं हुई तो धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इससे उत्पादन और उनकी आय दोनों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि उनकी फसल को बचाया जा सके।
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लखीसराय में DAP खाद की किल्लत:बिस्कोमान में महीनों से स्टॉक नहीं, किसान बोले-'निजी दुकानदार कर रहे कालाबाजारी'
