रेप केस- चरित्र-कपड़ों पर नहीं, साक्ष्यों पर फैसला दें जज:SC के निर्देश पर NJA ने जारी की गाइडलाइन, पटना हाईकोर्ट के फैसले पर CJI थे नाराज
महिलाओं से यौन अपराध के मामलों की सुनवाई और फैसले लिखते समय जजों को पीड़िता के चरित्र, कपड़ों, जीवनशैली या नैतिक धारणाओं के बजाय केवल सूबतों पर फैसला देने की सलाह दी गई है। साथ ही ‘लज्जा भंग’, ‘प्रोसिक्यूट्रिक्स (अभियोजन पक्ष की शिकायतकर्ता)’, ‘बेबस महिला’, ‘हवस’, ‘इज्जत’, ‘शर्म’ और ‘पवित्रता’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से…
