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आर्थिक अपराध इकाई की पहुंच क्षेत्रीय स्तर तक बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय के माध्यम से 12 रेंज इकाई बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। इसके अलावा 8 जिलों में जो बोर्डर से सटे हैं, वहां बोर्डर रीजनल इकोनॉमी इंटेलिजेंस यूनिट बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जो विचाराधीन है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार, पटना की ओर से आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक इकाई द्वारा अनुसंधान किए जा रहे 11 कांडों में आरोप-पत्र समर्पित किया जा चुका है। इसके साथ ही धन शोधक निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत भी कार्रवाई को तेज किया गया है। 12 जून 2026 से अब तक आर्थिक अपराध इकाई की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कुल 10 प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनमें सभी 10 प्रस्ताव फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय में विचाराधीन या जांच के अधीन हैं। इन मामलों में 108.9323 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है। आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में संपत्ति और अवैध धन की जांच को लेकर EOU और ED के बीच कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुसंधान को लेकर कार्यशाला आर्थिक अपराध इकाई की ओर से 21 जुलाई 2026 को BUDS Act और BPID Act के तहत दर्ज मामलों के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें सभी संबंधित जिलों के अपर जिला समाहर्त्ता, वरीय उप समाहर्त्ता, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय)-सह-नोडल पदाधिकारी (NBFC), प्रमंडलीय आयुक्त, अभियोजन पदाधिकारी और अनुसंधानकर्ताओं ने भाग लिया। EOU के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अभियोजन पदाधिकारी भी कार्यशाला में शामिल हुए थे। 2 नई शाखाओं का गठन किया EOU में नई पहल के तहत बौद्धिक संपदा अपराध (Intellectual Property Crime) शाखा का गठन 12 जून 2026 को किया गया था। इसके अलावा 17 जून 2026 को संपत्ति समपहरण एवं राजसात शाखा का गठन किया गया है। आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की बेहतर निगरानी के लिए सभी जिलों में पुलिस निरीक्षक स्तर के एक-एक अधिकारी को ‘पुलिस निरीक्षक आर्थिक अपराध’ के रूप में नामित करने का निर्देश भी दिया गया है। इससे जिलों में आर्थिक अपराध के मामलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की तैयारी है।
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12 रेंज में इओयू की यूनिट खोलने का प्रस्ताव:8 जिले में बॉर्डर रीजनल इकोनॉमी इंटेलिजेंस यूनिट भी खुल सकती, गृह विभाग को भेजा प्रस्ताव
