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लद्दाख में भूस्खलन की चपेट में आए भोजपुर के दोस्त:खारदुंगला से लौटते समय पहाड़ से गिरा मलबा; अभिजीत की मौके पर मौत, सोनू ने अस्पताल में तोड़ा दम




लेह-लद्दाख के खारदुंगला में भूस्खलन की चपेट में आने से भोजपुर के दो दोस्तों की मौत हो गई। घटना मंगलवार को नुब्रा थाना क्षेत्र में हुई। दोनों दोस्त खारदुंगला घूमने के बाद एक ही बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक पहाड़ से मलबा गिरने लगा, जिसकी चपेट में बाइक सवार दोनों युवक आ गए। मृतकों की पहचान बिहिया थाना क्षेत्र के जज बाजार निवासी व्यवसायी विकास कुमार के 22 वर्षीय पुत्र अभिजीत आनंद और मझौली पंचायत के खाखो बान निवासी संजय प्रसाद के 21 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है। अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सोनू ने स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। छह अगस्त को 10 दोस्तों की टोली पहुंची थी लद्दाख परिजनों के अनुसार, छह अगस्त को 10 युवाओं की एक टोली दिल्ली से ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंची थी। वहां से श्रीनगर होते हुए सभी लेह-लद्दाख पहुंचे। इस टोली में बिहिया के चार दोस्त शामिल थे। युवाओं ने एक टूर एंड ट्रैवल कंपनी से पांच बाइक किराए पर ली थीं। सभी युवक इन्हीं बाइकों से लद्दाख की बर्फीली पहाड़ियों और वादियों की सैर कर रहे थे। मंगलवार को खारदुंगला घूमने के बाद दोपहर करीब तीन बजे सभी वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक पहाड़ से मलबा गिरने लगा। एक बाइक पर सवार अभिजीत और सोनू इसकी चपेट में आ गए। हादसे में अभिजीत की मौके पर ही मौत हो गई। सोनू को गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। शाम को परिवार को मिली हादसे की सूचना मंगलवार शाम स्थानीय पुलिस के माध्यम से दोनों युवकों के परिवारों को हादसे की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। अभिजीत के परिवार के लोग दोनों शवों को लेने के लिए लद्दाख पहुंच गए हैं। परिजनों के अनुसार, गुरुवार को एयर एंबुलेंस से दोनों शवों को लेह-लद्दाख से दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद दिल्ली से पटना और फिर सड़क मार्ग से एंबुलेंस के जरिए शवों को बिहिया लाया जाएगा। घर पर परिजन बेसब्री से शवों के आने का इंतजार कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहिया, जगदीशपुर और आसपास के व्यवसायी तथा ग्रामीण दोनों परिवारों के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रेटर नोएडा में बीसीए की पढ़ाई कर रहे थे दोनों परिजनों के मुताबिक, अभिजीत और सोनू ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-64 में रहकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी से बीसीए की पढ़ाई कर रहे थे। अभिजीत करीब तीन महीने पहले घर आया था। वहीं सोनू छुट्टी में घर आया हुआ था और चार अगस्त को दिल्ली गया था। इसके बाद छह अगस्त को दोनों दोस्तों के साथ लद्दाख घूमने के लिए रवाना हुए थे। परिवार के मुताबिक, युवकों के घूमने जाने को लेकर घर में सामान्य माहौल था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दिनों बाद दोनों की मौत की खबर घर पहुंचेगी। माता-पिता का इकलौता बेटा था अभिजीत अभिजीत आनंद अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी एक छोटी बहन सृष्टि श्रेया है। उसकी मां आरती केसरी हैं, जबकि पिता विकास कुमार बिहिया के चर्चित व्यवसायी हैं। अभिजीत के चाचा दीपक केसरी रामनवमी शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष हैं। अभिजीत की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। आसपास के व्यवसायी और परिचित लगातार घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। परिवार के लोग अब शव के आने का इंतजार कर रहे हैं। तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था सोनू सोनू कुमार तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता संजय प्रसाद बिना टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हैं। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद मां राधिका देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास की महिलाएं उन्हें संभालने में लगी हैं। सोनू के भाई दीपक कुमार और सुजीत कुमार ने बताया कि छुट्टी में सोनू घर आया था। अचानक दोस्तों के साथ घूमने का कार्यक्रम बना। चार अगस्त को वह दिल्ली चला गया और छह अगस्त को दोस्तों के साथ लद्दाख के लिए रवाना हुआ था। मंगलवार शाम परिवार को हादसे की सूचना मिली। इसके बाद से ही घर के बाहर परिजन शव के आने का इंतजार कर रहे हैं। लद्दाख की पहाड़ियों में हुए इस हादसे ने दो परिवारों के सपनों को एक झटके में तोड़ दिया। जिन अभिजीत और सोनू के लिए यह यात्रा दोस्तों के साथ यादगार छुट्टियां बिताने का मौका थी, वही सफर उनके परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया।



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