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सुपौल जिला न्यायालय में बुधवार को डॉ. राकेश कुमार ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर योगदान किया। उनके योगदान के साथ ही न्यायिक व्यवस्था में प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। इससे पहले डॉ. राकेश कुमार पटना उच्च न्यायालय में रजिस्ट्रार (विजिलेंस) के पद पर कार्यरत थे। जिला न्यायालय पहुंचने पर न्यायिक पदाधिकारियों एवं न्यायालयकर्मियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मियों ने उन्हें सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में डॉ. राकेश कुमार के व्यापक अनुभव को देखते हुए उनके सुपौल में पदस्थापन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगदान के अवसर पर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि न्यायिक कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने विधि के शासन को मजबूत बनाए रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी एवं सुचारु तरीके से संचालित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। लंबित मामलों के तुरंत निपटाया जाएगा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में उनके सामने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और न्यायालय की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की अहम जिम्मेदारी होगी। न्यायालय से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ सुपौल जिला न्यायालय की कार्यप्रणाली को मिलेगा। डॉ. राकेश कुमार के योगदान के बाद जिला न्यायालय में न्यायिक पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी उत्साह देखा गया। न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता पर उनके जोर से आम लोगों को भी त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद है।
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डॉ. राकेश कुमार बने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश:पहले पटना हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार विजिलेंस थे, सुपौल में न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी गति
