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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज की जीत के बाद पटना की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। चुनाव नतीजे आने के कुछ ही दिनों बाद बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर के खिलाफ पोस्टर वार शुरू हो गया है। बांकीपुर इलाके में लगाए गए पोस्टर के जरिए चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर और जन सुराज की ओर से बिहार पुलिस, पटना पुलिस और चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर सवाल खड़े किए गए हैं। पोस्टर में प्रशांत किशोर से सीधे सवाल करते हुए पूछा गया है कि जब उन्होंने चुनाव के दौरान पुलिस और चुनाव आयोग पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए थे, तो अब चुनाव जीतने के बाद क्या उन्हें इन आरोपों के लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए? पोस्टर में प्रशांत किशोर से सीधा सवाल बांकीपुर में लगाए गए पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है— “प्रशांत किशोर जी आपसे एक सवाल?” इसके बाद पोस्टर में लिखा है— “अब आप चुनाव जीत गए हैं, आपने बिहार पुलिस और संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग पर पक्षपात का झूठा आरोप लगाया था, इस बात की माफी मांगनी होगी?” जन सुराज के पुराने बयानों को बनाया गया आधार पोस्टर में जन सुराज के सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के स्क्रीनशॉट लगाए गए हैं। इनके जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि चुनाव के दौरान पार्टी ने पुलिस और चुनाव आयोग को लेकर किस तरह के आरोप लगाए थे। चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने लगाए थे गंभीर आरोप दरअसल, बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए थे। जन सुराज की ओर से आरोप लगाया गया था कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग के समक्ष भी पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जन सुराज की ओर से लगातार यह सवाल उठाया गया कि क्या चुनावी प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर दिया जा रहा है। जीत ने बदल दिया राजनीतिक सवाल का संदर्भ बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम आने के बाद इस पूरे विवाद को नया राजनीतिक संदर्भ मिल गया। जिस सीट को लंबे समय से भाजपा के मजबूत गढ़ के तौर पर देखा जाता था, वहां जन सुराज ने बड़ी जीत दर्ज की। प्रशांत किशोर की पार्टी ने भाजपा के गढ़ में जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण को चुनौती दी। ऐसे में अब पोस्टर के जरिए यह तर्क दिया गया है कि यदि चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन वास्तव में जन सुराज के खिलाफ काम कर रहे थे, तो पार्टी चुनाव जीतने में कैसे सफल हुई? यही सवाल पोस्टर के जरिए सीधे प्रशांत किशोर से पूछा गया है। जीत के बाद भी जारी है सियासी टकराव पोस्टर पर किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं है। इसे ‘बांकीपुर की जनता’ के नाम से जारी किया गया है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पोस्टर किस संगठन या राजनीतिक समूह की ओर से लगाए गए हैं। एक तरफ प्रशांत किशोर की पार्टी अपनी जीत को बिहार की राजनीति में नए विकल्प के तौर पर पेश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विरोधी ताकतें उनके चुनावी बयानों और संस्थाओं पर लगाए गए आरोपों को लेकर उन्हें घेरने की कोशिश कर रही हैं।
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बांकीपुर में प्रशांत किशोर के खिलाफ पोस्टर वार:चुनाव आयोग-पुलिस पर लगाए आरोपों को लेकर घेरा; पूछा- चुनाव जीत गए, अब माफी कब मांगेंगे?
