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सीतामढ़ी में किसान-मजदूरों का प्रोटेस्ट:सरकार के खिलाफ नारेबाजी, SDM ने लिया मेमोरैंडम




सीतामढ़ी शहर के अंबेडकर स्थल पर सोमवार को किसान-मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बिहार राज्य किसान सभा, सीटू और ग्रामीण मजदूर यूनियन सहित कई संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान “किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें जनविरोधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करना, वीबी ग्रामजी योजना वापस लेना, स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाना, मनरेगा को फिर से बहाल करना, चारों लेबर कोड रद्द करना और बिजली का निजीकरण बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, पर्चाधारियों की बेदखली पर रोक लगाने और बेदखल पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर दोबारा दखल दिलाने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार की वर्तमान नीतियों का सर्वाधिक प्रभाव किसान, मजदूर और गरीब तबके पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, वहीं मजदूरों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली के निजीकरण से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। किसान मोर्चा संघ के डॉ. आनंद किशोर ने कहा कि किसान और मजदूरों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से किसान-मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। डॉ. किशोर ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम आनंद कुमार, हेडक्वार्टर डीएसपी विनय कुमार और डुमरा थानाध्यक्ष अंबेडकर स्थल पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद, एसडीएम आनंद कुमार ने प्रदर्शनकारियों द्वारा सौंपा गया ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों से बातचीत के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।



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