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'नेहा बोरा पर जो स्याही फेंकी गई, वही इंकलाब बनेगी':कांग्रेस ने विधानसभा तक निकाली पदयात्रा, राजेश राम बोले- पेपर लीक राष्ट्रीय मुद्दा, राजनीति न करें




‘पेपर लीक किसी राज्य का मसाला नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। जिन लोगों ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी है, वही स्याही कल इंकलाब बनेगा।’ यह बातें बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कही है। आज कांग्रेसियों द्वारा 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ मनाई। इस दौरान विधानसभा गेट के सामने शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और पुष्प अर्पित किया गया। सदाकत आश्रम से विधानसभा गेट तक 7 किलोमीटर की पद यात्रा निकाली गई। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, पूर्व विधायक शकील अहमद खान सहित अन्य कांग्रेसी शामिल हुए। सदाकत आश्रम से विधानसभा गेट तक पदयात्रा की तस्वीर…
नफरत का बाजार खुला है, मोहब्बत की दुकान बंद हो रही- राजेश राम राजेश राम ने कहा, ‘आज का दिन एक ऐसा दिन है, जब अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ने का आंदोलन शुरू हुआ था। हर साल हम कांग्रेस पार्टी के लोग इस दिन को याद करते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम लोगों को याद दिलाते हैं कि “अंग्रेजों भारत छोड़ो” नारे से ही हमें स्वतंत्रता और आजादी मिली है। हम यहां प्रतिज्ञा लेते हैं कि हम संविधान के प्रति समर्पित रहेंगे और भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे।’ छात्र अपनी समस्या को लेकर सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे- राजेश राम झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर राजेश राम ने कहा, ‘यह किसी राज्य का मामला नहीं है। छात्र अपनी समस्या को लेकर के सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह ऐसा सिस्टम है कि सरकार समझ नहीं पा रही है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे प्रतिनिधिमंडल के लोग जाकर उनकी समस्या सुने हैं। यह काम पहले ही बीजेपी को जंतर मंतर पर कर लेना चाहिए था, शायद इतने जेन जी नाराज नहीं होते।’ जो स्याही फेंकी गई, वही कल इंकलाब बनेगा- राजेश राम छात्र आंदोलन के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने पर राजेश राम ने कहा, ‘जो स्याही उन पर फेंकी गई है, वही स्याही कल इंकलाब बनेगा। पेपर लीक राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। यह किसी राज्य का मुद्दा नहीं है।’ कांग्रेस प्रदेस अध्यक्ष ने कहा, ‘छात्रों की गूंजें’ कार्यक्रम में राहुल गांधी से कई छात्रों ने अपने समस्याओं को रखा था। यह कोई पॉलिटिकल प्रोग्राम नहीं था, बल्कि छात्रों की आवाज थी और इसमें छात्रों की काफी भीड़ भी देखने को मिली थी।’ राजेश राम ने कहा, ‘यह लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है, जो कि पूरी तरह से राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।’



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