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बेतिया के मनुआपुल थाना क्षेत्र के गुरवलिया बेलदार में पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। नईम मियां नामक व्यक्ति ने अपने हिस्से की जमीन पर जबरन चहारदीवारी निर्माण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे। पुलिस जांच में भी दोनों पक्षों के बीच तनाव की पुष्टि हुई है। यह विवाद करीब दो कट्ठा चार धूर जमीन को लेकर है, जिसमें नईम मियां और गरीब मियां आमने-सामने हैं। नईम मियां का आरोप है कि उनके चाचा ने पारिवारिक हिस्सेदारी की जमीन में से उनके हिस्से से अधिक जमीन बेच दी है। अब खरीदार पक्ष उस विवादित जमीन पर निर्माण कार्य करा रहा है। जमीन बिक्री की जानकारी का विरोध करने पर बढ़ा तनाव नईम मियां के अनुसार, यह विवादित जमीन उनके दादा रसूल मियां से संबंधित है। रसूल मियां की पहली पत्नी से अदालत मियां, मदीन मियां और अनुल्लाह खातून संतान थे। नईम मियां का दावा है कि उनके पिता अदालत मियां का भी इस विवादित भूमि में हिस्सा था। उनका आरोप है कि परिवार में हिस्सेदारी होने के बावजूद, पूरी जमीन उनके चाचा मदीन मियां के नाम हस्तांतरित कर दी गई। इसके बाद मदीन मियां ने जमीन का यह हिस्सा दूसरे पक्ष को बेच दिया। नईम मियां ने पुलिस को बताया कि उनके पिता के निधन के बाद भी पारिवारिक संपत्ति में उनका अधिकार बना रहा। नईम मियां को जब जमीन की बिक्री की जानकारी मिली और उन्होंने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आसपास के लोगों से भी जानकारी ली इसी बीच, दूसरे पक्ष द्वारा जमीन पर चहारदीवारी का निर्माण शुरू कराए जाने से स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम विवादित स्थल पर पहुंची। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, उस समय गरीब मियां की ओर से जमीन पर चहारदीवारी निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ करने के साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। रिपोर्ट में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव रहने तथा जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बने रहने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि विवाद आगे बढ़ने पर अप्रिय घटना और विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। निर्माण कार्य को लेकर प्रथम पक्ष में रोष व्याप्त होने की बात भी जांच प्रतिवेदन में दर्ज है। न्यायालय ने सिविल विवाद मानकर कार्रवाई की समाप्त जमीन विवाद को लेकर अनुमंडल दंडाधिकारी, बेतिया सदर के न्यायालय में धारा 163 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना गया। दोनों पक्षों ने जमीन पर अपने-अपने अधिकार के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत किए। उपलब्ध अभिलेखों और दोनों पक्षों की ओर से दाखिल कारण-पृच्छा के अवलोकन के बाद न्यायालय ने मामले को सिविल प्रकृति का विवाद माना और कहा कि जमीन के स्वामित्व एवं हिस्सेदारी का अंतिम फैसला इस न्यायालय के क्षेत्राधिकार में नहीं आता। इसके बाद वाद की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। हालांकि, पुलिस की जांच रिपोर्ट में जमीन पर निर्माण और दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए संभावित विधि-व्यवस्था की समस्या की आशंका दर्ज की गई है। ऐसे में अब विवादित जमीन के वास्तविक हक और हिस्सेदारी को लेकर अंतिम फैसला सक्षम सिविल न्यायालय में होना है। इधर नईम मियां ने अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि, ‘अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो अपने पूरे परिवार सहित आत्मदाह कर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लूंगा।’ थानाध्यक्ष रवि कुमार की जांच रिपोर्ट में जमीन पर निर्माण और दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए संभावित विधि-व्यवस्था की समस्या की आशंका दर्ज की गई है। ऐसे में अब विवादित जमीन के वास्तविक हक और हिस्सेदारी को लेकर अंतिम फैसला सक्षम सिविल न्यायालय में होना है।
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