Headlines

बीजेपी MLA राकेश रंजन ओझा की हत्या की साजिश:लेटर में हैंड ग्रेनेड और शूटर से हमले का दावा; भागलपुर जेल अधीक्षक सहित चार नामजद




भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विधायक की ओर से करनामेपुर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोगों पर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है। मामला उस समय सामने आया, जब विधायक के पैतृक गांव ओझवलिया स्थित आवास पर डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र पहुंचा। पत्र में दावा किया गया कि भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में बंद कुछ आरोपी मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं। विधायक ने पत्र को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी और जांच के लिए पूरा पत्र पुलिस को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल में बंद अपराधियों के साथ हत्या की साजिश रचने का आरोप प्राथमिकी में भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा, आरा कोर्ट बम ब्लास्ट कांड के आरोपी लंबू शर्मा, बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी कुबेर मिश्रा और करनामेपुर थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी हरीश मिश्रा को नामजद बनाया गया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि जेल अधीक्षक की मिलीभगत से जेल में बंद आरोपियों के साथ उनकी हत्या की साजिश रची जा रही थी। गुमनाम पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि जेल अधीक्षक कथित तौर पर दोनों बंदियों को सेल से बाहर निकालकर अलग स्थान पर घंटों बातचीत करते थे और षड्यंत्र को अंजाम देने में सहयोग कर रहे थे। लेटर भेजने वाले की पहचान नहीं हुई है विधायक के अनुसार, आठ जुलाई को प्राप्त इस पत्र में उनकी हत्या के लिए हैंड ग्रेनेड बम की व्यवस्था किए जाने और लंबू शर्मा के शूटर के माध्यम से वारदात को अंजाम देने की कथित योजना का भी जिक्र था। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम विकास कुमार और पता शाहपुर भोजपुर लिखा था। हालांकि उसकी पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने पत्र को जांच के लिए सुरक्षित रखते हुए तकनीकी और अन्य पहलुओं पर पड़ताल शुरू कर दी है। करणामेपुर थाना पुलिस ने पुष्टि की है कि विधायक के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है तथा आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 2016 में पिता की हुई थी हत्या इस घटनाक्रम ने इसलिए भी गंभीरता बढ़ा दी है क्योंकि विधायक के परिवार का पहले भी अपराधियों से टकराव रहा है। वर्ष 2016 में विधायक के पिता एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की शाहपुर के सोनबरसा बाजार के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में हरीश मिश्रा और उसके भाई ब्रजेश मिश्रा समेत कई आरोपी जेल गए थे। वहीं, 16 अप्रैल 2025 को स्वयं विधायक राकेश रंजन ओझा पर भी गोलीबारी हुई थी, जिसकी प्राथमिकी शाहपुर थाने में दर्ज हुई थी। ऐसे में पुलिस अब पुराने मामलों और ताजा गुमनाम पत्र के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *