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समस्तीपुर में बुधवार देर शाम 4 महीने की गर्भवती महिला की गर्भपात के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजन ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। मृतका अंगारघाट थाना क्षेत्र चैता दक्षिणी वार्ड-7 भमरूपुर टोला निवासी अमरेश राय की पत्नी रूपम कुमारी (24) है। परिजन के अनुसार रूपम 4 महीने की गर्भवती थी। मंगलवार को पेट में दर्द हुआ तो उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतका की मां बिंदा देवी ने कहा कि डॉक्टर ने ब्लॉक चौक के पास स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराने की सलाह दी थी। परिजन के अनुसार अल्ट्रासाउंड के लिए 1,500 रुपए लिए गए। जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें गर्भ में बच्चा उल्टा होने की बात बताई गई। इसके बाद अस्पताल में डीएनसी कराने की सलाह दी गई। मामला विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघिया घाट ब्रह्मस्थान के पास ब्लॉक रोड के पास की है। करीब 25 हजार रुपए खर्च बताए, 12 हजार जमा किए मृतक की ननद सुनीता देवे ने बताया कि इलाज और अन्य खर्च के नाम पर करीब 25 हजार रुपए मांगे गए। इसमें करीब 9 हजार रुपए डीएनसी चार्ज, 8 हजार रुपए बेड चार्ज और शेष राशि ब्लड उपलब्ध कराने और चढ़ाने के खर्च के रूप में बताई गई। परिजनों के अनुसार उन्होंने अस्पताल में करीब 12 हजार रुपए जमा किए थे। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे डीएनसी की प्रक्रिया शुरू की गई। परिजनों का आरोप है कि प्रक्रिया शुरू होने के करीब 5 मिनट बाद ही रूपम की तबीयत बिगड़ गई। उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। इसके बाद अस्पताल की ओर से एंबुलेंस बुलाकर उसे समस्तीपुर रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, समस्तीपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल में ताला लगाने का आरोप महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल में ताला लगाकर वहां से चले गए। परिजनों ने अस्पताल के संचालन और वहां की जा रही चिकित्सा प्रक्रियाओं की जांच कराने की मांग की है। पहले भी बच्चे की मौत का आरोप स्थानीय लोगों और परिजनों के स्तर पर इस अस्पताल में पूर्व में भी इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ताजा घटना के बाद अस्पताल में मरीजों के इलाज और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल के प्रबंधक अर्जुन कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल फोन कवरेज क्षेत्र से बाहर बताया गया। उधर, विभूतिपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार ने कहा कि मामला गंभीर है। लिखित आवेदन मिलने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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समस्तीपुर में 4 महीने की प्रेग्नेंट की मौत:निजी अस्पताल के बाहर शव को रखकर किया हंगामा, पेट दर्द होने पर कराया था भर्ती
