पटना नगर निगम सहित पूरे बिहार के नगर निकायों में 8 दिनों से जारी आउटसोर्स सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है। गुरुवार को नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।
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आज से सभी सफाई कर्मी काम पर लौट आए हैं और रेगुलर कचरे का उठाव शुरू हो गया है, लेकिन बीते 8 दिनों में शहर में 7500 टन कचरा जमा हो गया है। इन सभी 75 वार्डों में फैली गंदगी को पूरी तरह से साफ करने में कम से कम 4 दिन का वक्त लगेगा।
राजधानी में आज सुबह से कचरे का उठाव शुरू…

घर-घर कचरा कलेक्ट करने पहुंचे सफाईकर्मी।

मुहल्लों में पहुंची कचरा उठाने वाली गाड़ियां।
राजधानी में हर दिन निकलता है 1200 टन कचरा
राजधानी में हर दिन 1200 टन कचरा निकलता है। पटना नगर निगम की टीम ने बीते 7 दिनों से रात में पुलिस की निगरानी में हर दिन करीब 300 टन कचरे का उठाव किया। ऐसे में शहर में अभी भी 7500 टन कचरा फैला हुआ है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
निगम के मुताबिक, बारिश के कारण कूड़ा सड़कों पर ही फैल गया है, जिससे स्थिति और भी ख़राब हो गई है। आज से डोर टू डोर गाड़ियां भी निकलेगी, लेकिन कई जगह पर गाड़ियों के टायर पंचर होने की भी शिकायत आयी है।
ऐसे में सफाई कर्मियों को निकलने में देरी हो सकती है। हालांकि, नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने 24 घंटे में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने का निर्देश दिया है।
सरकार से बातचीत के बाद बनी सहमति
पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया, दैनिक कर्मियों को छुट्टी से लेकर ग्रेच्युटी तक सुविधा दी जाएगी। रिटायरमेंट के बाद उन्हें पेंशन भी मिलेगी। यह सभी सुविधाएं परमानेंट कर्मियों की तरह होगी।’
सूत्रों के मुताबिक, सीएम सम्राट चौधरी का ऑर्डर दिया था कि किसी भी हाल में आज हड़ताल खत्म होनी चाहिए। साथ ही आंदोलन के दौरान जो भी दंडात्मक करवाई है, उसको भी खत्म करना है।

मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सफाई कर्मियों के हित के लिए जो निर्णय लेना होगा वो हम लेंगे। कई मांगों पर सहमति बनी है। वहीं कई मांगों को लेकर समिति बनाई जाएगी, फिर फैसला लिया जाएगा।

हड़ताल खत्म होने के बाद मंत्री नीतीश मिश्रा और सफाई कर्मियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई।
भास्कर ने सरकार से पूछे थे सवाल
हड़ताल के कारण 7 दिनों में पटना में करीब 3600 टन से ज्यादा कचरा सड़कों पर जमा हो गया था। लगातार बारिश के बीच फैले कचरे से बदबू फैलने से स्थिति और नारकीय हो गई। डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा।
शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठाव पूरी तरह ठप पड़ चुका था। मौर्य लोक, कंकड़बाग, कदमकुआं, जगत नारायण रोड, खेतान मार्केट और वीरचंद पटेल पथ समेत कई स्थानों पर कचरे के ढेर हैं।
सड़कों पर फैले कचरे और बदबू से परेशान शहरवासी अब सरकार से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं।
ये हाल तब है जब पटना नगर निगम क्षेत्र में बीजेपी के 3 विधायक और एक सांसद पटना से हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों से बात कर समस्या का समाधान नहीं निकाला जा रहा है।

अब 5 तस्वीरों से समझिए हड़ताल के दौरान राजधानी की हालत…

पटना के कदमकुआं इलाके में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की गली का हाल देखिए।

पटना के खेतान मार्केट इलाके में सड़कों पर कचरा फैला है।

दरियापुर गोला के राधा कृष्ण मंदिर के सामने इस तरह से कचरा पड़ा है। मंदिर आने-जाने वाले लोग मुंह ढंककर आ रहे हैं।

यह सांसद रविशंकर प्रसाद के घर के पास की नागेश्वर कॉलोनी का हाल है। लोगों को बदबू की वजह से मुंह ढंककर जाना पड़ रहा है।

दरियापुर गोला एरिया में गंदगी से परेशान युवक खुद ट्रॉली उठाकर कचरा हटाते नजर आया।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर अब तक 63.16 करोड़ का जुर्माना
सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच मैनपावर और वाहन उपलब्ध नहीं कराने पर निगम प्रशासन ने एजेंसियों पर 63.16 करोड़ की पेनाल्टी लगाई है। तीसरी बार कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
निगम द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 3 और 4 अगस्त को भी एजेंसियों ने आवश्यक संख्या में सफाईकर्मी और ड्राइवर उपलब्ध नहीं कराए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा।
इस गंभीर लापरवाही के लिए इन दो दिनों में ही 18.59 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई गई है। बाकी राशि का जुर्माना पहले लगाया गया था।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर लगाई गई अब तक की पेनाल्टी


