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मुजफ्फरपुर में सातवें दिन भी नहीं उठा कचरा:49 वार्डों में 1400 टन से अधिक कूड़े का अंबार, बारिश के बाद बदबू से लोग परेशान




नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर अब पूरे शहर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को लगातार सातवें दिन भी शहर से कचरा उठाव नहीं होने के कारण मुजफ्फरपुर के 49 वार्डों में 1400 टन से अधिक कचरा जमा हो गया है। मुख्य सड़कें, बाजार, गली-मोहल्ले और रिहायशी इलाके कूड़े के ढेर में तब्दील हो गए हैं। बीच-बीच में हो रही बारिश ने हालात को और गंभीर बना दिया है। भीगे कचरे से उठ रही सड़ांध के कारण लोगों का सड़क पर चलना और सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल इमलीचट्टी, मोतीझील, मिठनपुरा, ब्रह्मपुरा और क्लब रोड पर जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। सड़क के किनारे ही नहीं, कई जगहों पर कचरा सड़क तक फैल गया है, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है। लोग नाक पर रूमाल रखकर गुजरने को मजबूर हैं। बस स्टैंड और स्टेशन आने-जाने वालों की बढ़ी परेशानी शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल इमलीचट्टी की स्थिति सबसे अधिक खराब हो गई है। मालगोदाम जाने वाली सड़क के करीब 100 मीटर हिस्से में कचरा फैला हुआ है। यहीं से सरकारी बस स्टैंड और मुजफ्फरपुर जंक्शन के लिए हजारों यात्री रोजाना गुजरते हैं। कचरे के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दुर्गंध इतनी तेज है कि राहगीर नाक बंद कर रास्ता पार कर रहे हैं। मिठनपुरा और क्लब रोड पर 200 मीटर तक फैला कूड़ा शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों में शामिल मिठनपुरा की हालत भी बेहद खराब है। क्लब रोड और मिठनपुरा चौक के बीच करीब 150 से 200 मीटर तक सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा हुआ है। कई जगह कूड़ा सड़क की आधी चौड़ाई तक फैल चुका है। बारिश के कारण कचरा सड़ने लगा है और आसपास के इलाकों में तेज दुर्गंध फैल रही है। मोतीझील फ्लाईओवर और ब्रह्मपुरा में भी हालात गंभीर मोतीझील फ्लाईओवर के नीचे और मोतीझील छोर पर भी भारी मात्रा में कचरा जमा है। वहीं ब्रह्मपुरा समेत कई अन्य इलाकों में भी सफाई पूरी तरह ठप है। शहर के अधिकांश वार्डों में पिछले सात दिनों से कूड़ा नहीं उठने के कारण जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है। बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, बीमारी फैलने का खतरा लगातार हो रही रुक-रुक कर बारिश ने समस्या को और बढ़ा दिया है। भीगे हुए कचरे से उठ रही सड़ांध पूरे इलाके में फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कचरा नहीं हटाया गया तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और बाहर से आने वाले लोगों के बीच शहर की यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। मंगलवार शाम तक सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन बुधवार को भी इसका कोई असर नहीं दिखा। पूरे शहर में पहले की तरह कचरा जमा रहा और कहीं भी नियमित सफाई या कचरा उठाव शुरू नहीं हो सका। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में शहर की स्थिति और भी भयावह होने की आशंका है।



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