पटना जंक्शन के आसपास की भीड़भाड़, पुरानी दुकानें और सड़क किनारे लगने वाले ठेले, जल्द ही यह तस्वीर बदलने वाली है।
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महावीर मंदिर से जीपीओ गोलंबर तक फैले न्यू मार्केट को नए सिरे से विकसित करने की योजना है। पटना मेट्रो के विस्तार और न्यू मार्केट के पुनर्विकास से जंक्शन-जीपीओ गोलंबर का पूरा इलाका नए शहरी स्वरूप में नजर आएगा।
न्यू मार्केट में क्या बनेगा? मॉल वेंडिंग जोन और पार्किंग समेत कौन सी सुविधाएं विकसित होंगी? पढ़िए रिपोर्ट..।
न्यू मार्केट इलाके को मिलेगी नई पहचान
पटना स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन की कनेक्टिविटी मिलने वाली है। दूसरी ओर न्यू मार्केट में आधुनिक मॉल, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी।
इससे इस इलाके को कमर्शियल हब के रूप में नई पहचान मिलेगी। यहां तीन मंजिला वेंडिंग जोन और 7 मंजिला पटना मॉल बनाया जाएगा।

महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच वेंडिंग जोन बनेगा
महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच वेंडिंग जोन और मस्जिद से जीपीओ गोलंबर के बीच पटना मॉल का निर्माण किया जाएगा। 12,812 वर्ग मीटर जमीन पर फैले न्यू मार्केट के पुनर्विकास की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पटना नगर निगम को सौंप दी गई है।
योजना को नेशनल अपेक्स कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की तैयारी आगे बढ़ाई जा रही है। परियोजना पर करीब 590.05 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अगले साल निर्माण शुरू कर तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
39,990 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनेगा सात मंजिला पटना मॉल
इस योजना के तहत करीब 39,990 वर्ग मीटर क्षेत्र में 7 मंजिला पटना मॉल बनाया जाएगा। इसमें होटल, ऑफिस, मल्टीप्लेक्स, गेम जोन, फूड कोर्ट और बड़े ब्रांड के शोरूम जैसी सुविधाएं होंगी। मॉल के दोनों बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था होगी।
मॉल के ग्राउंड फ्लोर, पहली और दूसरी मंजिल पर रिटेल दुकानें होंगी। तीसरी मंजिल पर मल्टीप्लेक्स और फूड कोर्ट, चौथी मंजिल पर मल्टीप्लेक्स और गेम जोन तथा ऊपरी मंजिलों पर होटल और ऑफिस बनेंगे। यहां लोगों को खरीदारी के साथ मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों की सुविधा एक ही परिसर में मिलेंगी।

वेंडरों के लिए बनेगा तीन मंजिला मार्केट
महावीर मंदिर से मस्जिद के बीच करीब 4,600 वर्ग मीटर क्षेत्र में तीन मंजिला वेंडर मार्केट बनाने की योजना है। इसकी प्रत्येक मंजिल पर लगभग 1,150 वर्ग मीटर क्षेत्र में दुकानें विकसित की जाएंगी।
इसका उद्देश्य मौजूदा दुकानदारों और वेंडरों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराना है, ताकि सड़क किनारे दुकानें लगाने की मजबूरी कम हो।
न्यू मार्केट की करीब 400 दुकानें टूटेंगी
न्यू मार्केट में फिलहाल करीब 400 दुकानें हैं। यह मार्केट आजादी से पहले का बना हुआ है। इसकी संरचना काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी है। अब सभी दुकानें टूटेंगी।
नया निर्माण शुरू करने से पहले पुराने भवन को हटाने और दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर नगर निगम प्रशासन संबंधित पक्षों से बातचीत करेगा। व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से कारोबारियों को निर्धारित जगह मिलने के साथ सड़क पर आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

15,694 वर्ग मीटर में बनेगी पार्किंग
15,694 वर्ग मीटर में पार्किंग का निर्माण होगा। इससे न्यू मार्केट में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी।
इसके साथ ही पटना जंक्शन गोलंबर से जीपीओ गोलंबर के बीच सड़क किनारे लगने वाली दुकानों और वेंडरों के अतिक्रमण से भी राहत मिलने की उम्मीद है। वेंडरों के लिए अलग और व्यवस्थित मार्केट बनने से उन्हें कारोबार के लिए तय जगह मिलेगी। इससे सड़क पर भीड़ कम होगी और यातायात सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
इस परियोजना में पार्किंग और यातायात व्यवस्था को अहम स्थान दिया गया है। मॉल के दोनों बेसमेंट में पार्किंग के अलावा पूरे बाजार क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही और पैदल चलने वालों की सुविधा बेहतर करने की योजना है। हरियाली, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा बचाने वाली व्यवस्थाओं, रैंप और लिफ्ट जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा।
इन बदलावों से न्यू मार्केट में खरीदारी करने आने वाले लोगों को सुविधा मिलने के साथ आसपास के कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। निर्माण, होटल, शोरूम और अन्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। वहीं, पार्किंग शुल्क, किराया, विज्ञापन और संपत्ति कर से नगर निगम के राजस्व में भी वृद्धि हो सकती है।

अभी पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर के बाहर सड़क पर दुकानें लगती हैं। इन दुकानों को वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल से जुटेगी राशि
करीब 590.05 करोड़ रुपए की इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत पूरा करने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार, परियोजना की 50 प्रतिशत राशि बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से, जबकि 25-25 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार से जुटाई जाएगी।
इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में कराने की तैयारी है। डिजाइन, सामग्री, निर्माण और तैयार परियोजना सौंपने की जिम्मेदारी एक कंपनी की होगी।
मेट्रो से बाजार तक पहुंचना होगा आसान
पटना जंक्शन और आसपास के क्षेत्रों में मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित होने से इस व्यस्त व्यावसायिक इलाके तक पहुंचने के विकल्प बढ़ेंगे। मेट्रो के साथ रेल, बस, ऑटो और पैदल आवागमन को बेहतर ढंग से जोड़ने की योजना से यात्रियों और खरीदारों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, मेट्रो कनेक्टिविटी और बाजार पुनर्विकास की परियोजनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों का असर इस इलाके की आवाजाही और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
न्यू मार्केट में व्यवस्थित पार्किंग, चौड़े फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग और बेहतर यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा। इससे पटना जंक्शन गोलंबर से जीपीओ गोलंबर के बीच लगने वाले जाम और सड़क पर अतिक्रमण की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

न्यू मार्केट को विकसित करने पर पटना स्टेशन के पास रोड पर भीड़ की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। अभी यहां सुबह से रात तक भारी भीड़ रहती है।
न्यू मार्केट के पुनर्विकास से होंगे ये बड़े बदलाव
1. निजी निवेश को बढ़ावा: पीपीपी मॉडल के जरिए निजी पूंजी आएगी और बाजार में आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।
2. रोजगार के नए अवसर: निर्माण कार्य, होटल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
3. आवागमन होगा आसान: रेल, मेट्रो, बस और ऑटो के साथ पैदल यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी।
4. पैदल चलने वालों को राहत: चौड़े फुटपाथ, छायादार स्थान और सुरक्षित क्रॉसिंग से लोगों की आवाजाही सुविधाजनक होगी।
5. जाम और पार्किंग की समस्या होगी कम: व्यवस्थित पार्किंग और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से बाजार के आसपास भीड़ घटाने में मदद मिलेगी।
6. वेंडरों को मिलेगी तय जगह: दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए अलग वेंडर मार्केट बनाया जाएगा, जहां वे व्यवस्थित तरीके से कारोबार कर सकेंगे।
7. पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएं: परिसर में हरियाली बढ़ाने, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा की खपत कम करने वाली व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा।
8. दिव्यांगों और बुजुर्गों को सुविधा: रैंप, लिफ्ट और सुगम पहुंच की व्यवस्था से अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी।
9. नगर निगम की आय बढ़ेगी: दुकानों के किराये, पार्किंग शुल्क, विज्ञापन और संपत्ति कर से निगम के राजस्व में वृद्धि की संभावना है।
10. पुराने बाजार को मिलेगा नया रूप: जर्जर और पुरानी संरचनाओं की जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस व्यावसायिक परिसर विकसित होगा।
11. कारोबार और शहर की पहचान मजबूत होगी: नए मॉल, ब्रांडेड शोरूम और मनोरंजन की सुविधाओं से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है।
12. आसपास के इलाके का होगा विकास: बेहतर बुनियादी सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों से क्षेत्र की उपयोगिता बढ़ने के साथ संपत्तियों के मूल्य में भी वृद्धि हो सकती है।
