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नाटक मंचन से पहले पेट्रोल में आग लगने से 12-झुलसे:4 की हालत गंभीर, जलता हुआ पर्दा नीचे गिरने पर लोगों को चला पता




सीवान में दशहरा मेले के दौरान नाटक मंचन की तैयारी में बरती गई लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। पेट्रोल में आग लगने से करीब एक दर्जन लोग झुलस गए। इनमें एक बच्चे सहित चार युवकों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। घटना बड़हरिया थाना क्षेत्र के रसूलपुर की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात दुर्गा प्रतिमा के समीप बने मंच पर गांव के बच्चे नाटक का मंचन करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान भूत से संबंधित दृश्य प्रस्तुत करने के लिए मंच पर पेट्रोल से भरे मिट्टी के कई बर्तन रखे गए थे। तैयारी के दौरान मंच का सामने वाला पर्दा गिरा हुआ था। इसी बीच पर्दे के पीछे रखे एक बर्तन में पेट्रोल ने आग पकड़ ली। मंच पर मौजूद युवक आग की चपेट में आने लगे, लेकिन पर्दा गिरा होने के कारण सामने बैठे दर्शकों को तत्काल घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। कुछ ही देर में आग टेंट के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। जलता हुआ पर्दा गलकर नीचे गिरा और वहां बैठे छह वर्षीय पवन कुमार के शरीर पर पड़ गया। लोगों ने आग बुझाने का किया प्रयास इसके बाद लोगों को हादसे का पता चला। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने और घायलों को बचाने का प्रयास किया। पेट्रोल में लगी आग और अग्निशमन उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों में मुन्ना सिंह के बेटे अनिकेत कुमार, उमेश प्रसाद के बेटे राहुल कुमार, दिलीप साह के बेटे सूरज कुमार, गणेश साह के बेटे राहुल कुमार, माया साह के बेटे बिट्टू कुमार, हरदिया मांझी के बेटे अमित कुमार, सुदर्शन साह के बेटे विकेश कुमार और मामा के घर रसूलपुर आया छह वर्षीय पवन कुमार शामिल हैं। घायलों को बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कई लोगों को सदर अस्पताल रेफर किया गया। गंभीर रूप से झुलसे पवन समेत चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया। मौके पर नहीं थे अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम दशहरा के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पूजा पंडालों व अखाड़ों पर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल की तैनाती के दावे किए थे। इसके बावजूद मंच पर पेट्रोल से आग से जुड़ा दृश्य तैयार किया जा रहा था और मौके पर अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में गंभीर चूक को उजागर करती है। ऐसे कार्यक्रम की अनुमति और सुरक्षा प्रबंधों की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। घटना के बाद बड़हरिया थाना प्रभारी छोटन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तत्काल बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी अथवा थाना प्रभारी जैसे जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी नहीं दिखी।



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